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हँसते नजारों में रहो...
नींद आए तो मेरी आँखों के तारों में रहो जब खुले आँख, दुनिया की बहारों में रहो तुमसे खाली न जाए, साँझ एक भी मेरी दिल की धड़कन में रहो, हँसते नजारों में रहो। *****प्रिये नाकाम 'इश्क' है जो आह पर असर नहीं। मर रहे हैं जिनकी याद में उन्हें खबर तक नहीं।