हँसते नजारों में रहो...
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नींद आए तो मेरी आँखों के तारों में रहो
जब खुले आँख, दुनिया की बहारों में रहो
तुमसे खाली न जाए, साँझ एक भी मेरी
दिल की धड़कन में रहो, हँसते नजारों में रहो।
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प्रिये
नाकाम 'इश्क' है
जो आह पर असर नहीं।
मर रहे हैं जिनकी याद में
उन्हें खबर तक नहीं।
