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Written By ND

गरीबी दूर करेगा काला धन

धन की बहेंगी नदियाँ

विदेश
- श्रीचन्द्
ND

जब से देश में काले धन की चर्चा शुरू हुई है, मेरा मन बाग-बाग हो गया है। पूरा देश इस चर्चा में जुटा हुआ है और ऐसा लग रहा है कि मुझ जैसे गरीबों के दिन बस अब फिरने ही वाले हैं। कहते हैं कि विदेशों में देश का इतना पैसा जमा है कि उसके आते ही अचानक हर गरीब प्राणी अमीरों की तरह शान की जिंदगी जीने लगेगा। सरकार की भी बाँछें खिल जाएँगी।

सरकारी काम के लिए भी धन की कोई कमी नहीं रह जाएगी, हर ओर पैसे की नदियाँ बहने लगेंगी। वाह-वाह, क्या बात है! ऐसा दिन तो बड़ा ही हसीन होगा जब गरीब प्राणी अमीरों जैसी शान से अपनी जिंदगी बिताएगा। तब गंगू तेली और राजा भोज की कहावत बेमानी हो जाएगी। कोई इस कहावत का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

गरीब की लुगाई को भी गाँव भर की भौजाई बनने का दर्द नहीं झेलना पड़ेगा या यों कहें कि देश में अमीर-गरीब में कोई फर्क नहीं रह जाएगा। शायद ये दो शब्द ही शब्दकोष से मिट जाएँ। इससे अधिक सुंदर सपना तो मेरे जीवन में आज तक नहीं आया था। तब भी नहीं जब मुझ जैसे गरीब ने पहली बार पाँच साला जश्न में अपने अजीज नेता का पेट भराऊ भाषण सुना था और अचानक अमीर बनने का सपना देखने लगा था। लेकिन, उस सपने की क्या मजाल जो काला धन मिलने की खबर से उपजे सपने से टक्कर ले ले।

वह सपना तो मात्र सपना था और सपने को कभी न कभी टूटना ही होता है, सो टूट गया। पर इस बार तो सपने पर हकीकत का तड़का लगा है। सभी कह रहे हैं, हमारा पैसा दूसरे देशों की तिजोरी में बंद है और हम अपनी पूरी ताकत से उस तिजोरी को खोलने में लगे हैं। जब अपने देश की बड़ी-बड़ी ताकतें उस तिजोरी को खोलने में पूरी ताकत से लगी हों तो क्यों न दिखे हकीकत और सपने का रीमिक्स।

ND
बड़े-बुजुर्गों ने कहा भी है, हर किसी को सपना देखना चाहिए। बिना सपना देखे कोई बड़ा काम नहीं किया जा सकता। दुनिया में कोई भी बड़ा काम बिना सपना देखे पूरा भी नहीं होता है। बचपन से ही हमारे माता-पिता यही सिखाते आ रहे हैं कि पहले सपना देखो और फिर उसे पूरा करने का प्रयत्न करो। यदि सपना ही नहीं देखोगे तो उसे पूरा करने का खयाल मन में कैसे आएगा? बचपन की इसी सीख के बल पर मेरा मन बार-बार कह रहा है कि इस बार यह सपना जरूर पूरा होगा। हमारे नेता हमारे लिए यह काम जरूर करेंगे।

आखिर 62 वर्षों से वे हमारे लिए ही तो बड़े-बड़े काम कर रहे हैं। तो आज हमारे लिए यह छोटा सा काम क्यों नहीं करेंगे। मेरी तो यही कामना है कि यह सपना पूरा न भी हो तो कम से कम यह पहले के सपनों की तरह टूटे नहीं।

मुझे लगता है कि इस सपने को लंबे समय तक देखने का सुख उठाया जा सकता है। हमारी गरीबी दूर हो या न हो कम से कम सपने में तो हम अमीर बने रहेंगे, सपने में तो गंगू अपने जीवन पर इतराएगा।
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