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अटलबिहारी बाजपेयी: राजनीति के 'अजातशत्रु' का महाप्रयाण...

गुरुवार,अगस्त 16, 2018
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तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक तरह से 'अनाथ' हो गई है। पहले अम्मा (जयललिता) और फिर उडनपिराप्पे (करुणानिधि को लाखों डीएमके कार्यकर्ता उडनपिराप्पे याने बड़ा भाई पुकारते थे)। दक्षिण भारत के बड़े राज्य की राजनीति में बने शून्य ने कई सवालों को जन्म दिया ...
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दुनिया को शांति का संदेश देने वाले देश में आज एक 'भयानक भीड़ संस्कृति' जन्म ले रही है जो सवाल उठा रही है कि क्या अमन पसंद हिन्दुस्तान अब 'लिंचिंस्तान' बनता जा रहा है..
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फूलों ने ही तो जीवन सृजन किया है इसीलिए जब भी हमारे लगाए पौधे में फूल खिलते हैं तो हम भी खिल उठते हैं। शायद ही कोई होगा जिसे मैदानों, पर्वतों पर आच्छादित ताजी हरी घास-फूस की खुशबू भली न लगती हो। लेकिन जिस तरह से धरती से उसका हरित श्रंगार मिट रहा है ...
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त्रिपुरा में ऐतिहासिक सफलता और सत्ता के उन्माद में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने ब्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा ध्वस्त कर दी। वैचारिक असाम्य के कारण मूर्ति तोड़ने का यह सिलसिला त्रिपुरा से तमिलनाडु और फिर पश्चिम बंगाल होता हुआ देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर ...
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जब भी साल बदलता है, हमें ठहरकर सोचने पर मजबूर करता है। यों तो हर पल गतिमान समय की धार में साल, वर्ष, बरस… जो भी कह लें, एक छोटा–सा बिंदु है ... पर चूँकि हम इसी बहाने से ईस्वी सन वाला दीवारों पर टँगा कैलेंडर बदलते हैं, आँकड़ा बदलते हैं, तो इस वक्फे का ...
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बहुत सारे विश्लेषक और राजनीति के जानकार मानकर चल रहे थे कि गुजरात में कशमकश वाली कोई बात नहीं है। राहुल गाँधी के नेतृत्व को गुजरात में कोई नहीं स्वीकारेगा और भाजपा की एकतरफा जीत होगी। ये भी कि जीएसटी और नोटबंदी गुजरात में कोई मुद्दा नहीं है। कि ...
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आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे अचानक ये घोषणा हुई कि अब ये रेल नोटबंदी के स्टेशन की तरफ़ जाएगी। एक ऐसी रेल जिसमें सवार यात्रियों को ना इसके चलने का समय पता था ना अचानक से गंतव्य बदल दिए जाने की जानकारी। भीतर बैठे यात्री कुछ चौंक गए, कुछ सकते में आ गए, ...
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लोग धरती को सींचने के नए तरीके ढ़ूँढ़ रहे थे .... और हमने बादलों पर पैर रक्खे हुए थे। हम आसमान में खेती कर रहे थे…..सब हँस भी रहे थे..... यहाँ धरती सोना उगल रही है और ये वहाँ आसमान में सपनों की खेती कर रहे हैं!!! .....सच, सपना ही तो था .... सचमुच का ...
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शिखर पर अकेलापन होता है। महान प्रतिभाएँ महान संकटों के लिए अभिशप्त हैं। ऊपर चढ़ते वक्त वो कौन सा बिन्दु है जिसे आप अंतिम पड़ाव मान लेंगे? आपकी यात्रा में सर्वोच्च क्या है? आपके मन का हिमालय कौन सा है? सफलता के झिलमिल सितारों के बीच वो कौन सा वक्त होगा ...
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राष्ट्रवाद की समूची अवधारणा को ही चुनौती देने और नए-नए तरीकों से राष्ट्रवाद को गढ़ने के इस दौर में एक और नए तरह का शिगूफ़ा सिर उठा रहा है। राजनीति को विकास के एजेंडे से भटकाकर क्षेत्रवाद की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। क्षेत्रीय विविधताओं को आपस में ...
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मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में हिंसक हो चुके किसान आंदोलन की जो तस्वीरें और तथ्य सामने आ रहे हैं, वो बहुत ही डरावने और भयावह हैं। मध्यप्रदेश की तस्वीर तो बहुत ही बुरी है़। जलती हुई गाड़ियाँ, बिलखते हुए बच्चे, ट्रेन-बसों में मारपीट, पटरियाँ उखाड़ने की ...
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एक वक्त था जब दिल्ली की कुर्सी के लिए उत्तर प्रदेश को पायदान माना जाता था। आज नरेन्द्र मोदी ने ठीक उलट कर के दिखा दिया। दिल्ली में ढाई साल तक केन्द्र की सरकार के सिंहासन पर बैठने के बाद अब जाकर पायदान पर मजबूती से पैर जमाए और बाजू उत्तराखंड पर टिका ...
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ये संयोग भी है और नियति भी कि जयराम जयललिता की पार्थिव देह को भी उसी राजाजी सभागृह में रखा गया है जहाँ 24 दिसंबर 1987 को मारूदूर गोपालन रामचंद्रन की पार्थिव देह को रखा गया था। तमिलनाडु की राजनीति के ये दो सितारे और उनके अस्त होने का एक गवाह- राजाजी ...
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फ़िदेल अलैजेंद्रो कास्त्रो रूज़। यानी फिदेल कास्त्रो। क्यूबा की क्रांति का महानायक। क्रांति के कालजयी, रोमांटिक और रहस्यमयी प्रतीक बन चुके चे गेवेरा का वरिष्ठ सहकर्मी, नायक। क्यूबा के स्वाभिमान का प्रतीक। एक समय में साम्यवाद की उम्मीद का चमकता सितारा। ...
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लोकतंत्र की मतपेटी से कैसे अजूबे निकलेंगे, कोई कह नहीं सकता। भारत में 500 और 1000 के नोट बंद करने का कंपन अभी थमा भी नहीं था कि डोनाल्ड जे. ट्रंप के अमेरिका 45वें राष्ट्रपति बनने की ख़बरों ने दुनिया को हिला दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता को नापने ...
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अगर केवल एनडीटीवी ने ही नियमों का घोर उल्लंघन किया है तो सरकार को इस मुद्दे पर अधिक पारदर्शिता दिखाना चाहिए थी।अगर आप सारे चैनलों में से सिर्फ़ एक पर कार्रवाई कर रहे हो, और वो चैनल अगर कथित रूप से सरकार के ख़िलाफ़ ख़बरें चलाने या कमी को उजागर करने के ...
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हरिद्वार में हुई मीडिया चौपाल। मेरे सत्र का विषय भी बहुत ध्यान खींचने वाला और महत्वपूर्ण था। - मुद्दा/विषय/विशेषज्ञता आधारित संचार की आवश्यकता, संचारकों की नई भूमिका। निश्चित ही गंभीर और महत्वपूर्ण विषय। क्या संचारक यानि जो पत्रकार है वो महज एक ...
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जबसे प्रधानमंत्री मोदी ने लखनऊ में दशहरा मनाने की बात कही तभी से तरह-तरह की अटकलें लगने लगी थीं। सभी की निगाहें उनके लखनऊ में होने वाले भाषण पर लगी हुई थीं। वैसे ही जैसे उड़ी हमले के बाद वो कोझीकोड़ में पहली बार बोलने वाले थे।
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इंदौर। तो ये करिश्मा भारत ने भी कर दिखाया और इंदौर ने भी। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ 3-0 से श्रृंखला जीत कर भारत की टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। होलकर स्टेडियम में इंदौर को मिले पहले टेस्ट की सौगात को इंदौरी दर्शकों ने हाथोंहाथ लपका और चारों दिन क्रिकेट का ...
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