भारत इंग्लैंड सीरीज में यह 3 भारतीय खिलाड़ी रहे जीत के हीरो

Last Updated: रविवार, 7 मार्च 2021 (00:16 IST)
टीम इंडिया ने से खेली हुई यह सीरीज अपने कब्जे में कर ली है। ने में पहला टेस्ट गंवाया था, लेकिन फिर वापसी करते हुए चेन्नई में दूसरा टेस्ट 327 रन से बड़े अंतर से जीत लिया। भारत ने में खेले गए तीसरे दिन-रात्रि टेस्ट में 10 विकेट से जीत हासिल की और अहमदाबाद में चौथे टेस्ट में इंग्लैंड को पारी से रौंद दिया।

यह लगातार दूसरा मौका है जब भारत ने 0-1 से पीछे होते हुए टेस्ट सीरीज अपने नाम की है। इससे अपने आप मालूम पड़ता है कि टीम इंडिया में वापसी करने की जबरदस्त प्रतिभा है। हिंदुस्तान की यंगिस्तान टीम कभी भी खेल को अपने तरीके से चला सकती है।

इस सीरीज की बात करें तो टीम इंडिया के लिए तीन हीरो रहे जिनके प्रदर्शन से यह सीरीज जीत सुनिश्चित हुई।

- 27 विकेट
चेन्नई में होने वाले पहले टेस्ट में अक्षर पटेल घुटने के दर्द से बाहर बैठ गए थे और टीम इंडिया यह मैच 227 रनों से हार गई थी। दरअसल इस मैच तक भारत और इंग्लैंड में जो अंतर था वह बस एक अक्षर का ही था। क्योंकि इसके बाद तो 500 रन जड़ने वाली इंग्लैंड 200 सिर्फ 1 बार ही पार कर पायी।
दूसरे टेस्ट में अक्षर पटेल को टेस्ट कैप मिली और वह भारत के लिए टेस्ट खेलने वाले 302 वें खिलाड़ी बन गए। इसके बाद उन्होनें पीछे मुड़कर नहीं देखा। कभी 5 विकेट तो कभी 6 विकेट अक्षर के सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज स्पिन खेलने में निरक्षर साबित होते रहे।

सीरीज खत्म होने तक उन्होंने 3 टेस्ट मैचों में 4 बार 5 विकेट लिए। कुल 6 पारियों में वह 27 विकेट ले चुके हैं और कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। टेस्ट करियर की शुरुआत इतनी सुनहरी रहेगी अक्षर को भी अंदाजा नहीं होगा।

इस पर सोने पर सुहागा और हो जाना अगर अक्षर पटेल बल्ले से भी 50 रन जड़ पाते। लेकिन रन गति बढ़ाने की कोशिश में वह अपना विकेट गंवा बैठे। पटेल ने 97 गेंदो में 43 रन बनाए जिसमें 5 चौके और 1 छक्का शामिल था।
- 32 विकेट, 189 रन
आर अश्विन न केवल गेंद से बल्कि बल्ले से भी इस सीरीज में चमके। चेन्नई के दूसरे टेस्ट में अश्विन ने 43 रन देकर 5 विकेट लिए और अगले दिन बल्ले से 106 रन बनाए। एक ही पारी में 5 विकेट और शतक बनाने का कारनामा उन्होंने तीसरी बार किया।
चेन्नई से जब वह अहमदाबाद आए तो भी उन्होंने अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा। तीसरे टेस्ट में 400 विकटों तक पहुंचने के लिए उन्हें 9 विकटों की जरूरत थी जो मात्र दो दिन में पूरी हो गई। अश्विन ने यह उपलब्धि तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन जोफ्रा आर्चर को आउट कर हासिल की। वह भारत की ओर से चौथे ऐसे गेंदबाज है जो टेस्ट में 400 विकट का आंकड़ पार कर चुके हैं।

अंतिम टेस्ट मैच में भी उन्होंने कुल 8 विकेट निकाले। पहली पारी में 19.5 ओवर में उन्होंने 47 रन देकर 3 विकेट लिए। दूसरी पारी में भी इतने ही रन देकर 22.5 ओवर में उन्होंने 5 विकेट लिए।

सीरीज शुरु होने से पहले ही ऋषभ पंत पर निगाहें थी। वह आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ थे, ब्रिस्बेन टेस्ट में टीम इंडिया को जिता कर वह हीरो बन चुके थे। कई लोगों की उन पर इसलिए भी नजर थी कि क्या वह प्रदर्शन दोबारा दोहरा पाएंगे।

पहले टेस्टे की पहली पारी में ऋषभ पंत काफी हद तक टीम इंडिया को मुश्किल से उबार ही चुके थे। लेकिन 91 रन बनाकर वह पवैलियन लौट गए। इसके बाद उनका बल्ला आखिरी मोड़ पर चला जब टीम इंडिया को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।
चौथे टेस्ट के दूसरे दिन के दूसरे सत्र पर भारत 146 पर 6 विकेट खोकर नाजुक स्थिती में था। अंतिम सत्र में ऋषभ पंत ने खेल का रुख ही पलट कर रख दिया। पंत के काउंटर अटैक से इंग्लैंड भी हैरान परेशान हो गया। उन्होने वनडे स्टाइल में महज 118 गेंदो में 101 रन बनाए जिसमें 13 चौके और 2 छक्के शामिल थे।

ऋषभ पंत ने भारतीय पिच पर पहला और करियर का तीसरा शतक जड़ा। इस सीरीज में उन्होंने 270 रन बनाए। (वेबदुनिया डेस्क)



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