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मध्यप्रदेश में लोगों तक कैसे पहुंचेगी कोरोना वैक्सीन,स्टोरेज से वैक्सीनेशन तक का Exclusive प्लान

मध्यप्रदेश में एक साथ कोरोना वैक्सीन के 5 करोड़ डोज रखने की क्षमता

Corona Vaccine
भोपाल। नए साल में देश को पहली कोरोना वैक्सीन की सौगात मिल सकती है। ऐसे में देश में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की तैयारियों को जांचने परखने के लिए चार राज्यों में दो दिनों का ड्राई रन किया जा रहा है। केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के मुताबिक पंजाब,असम, आंध्र प्रदेश और गुजरात के दो-दो जिलों में कोल्ड चेन से वैक्सीनेशन साइट्स तक वैक्सीन लाने-ले जाने की प्रक्रिया परखी जा रही है।
 
ऐसे में मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन के संग्रहण से लेकर उसके लाने-ले जाने के लिए किस तरह के इंतजाम किए गए है और कोरोना वैक्सीनेशन की क्या तैयारियां है इस पूरे सिस्टम को समझने के लिए ‘वेबदुनिया’ ने राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला से खास बातचीत की। 
 
‘वेबदुनिया’ से बातचीत में संतोष शुक्ला कहते हैं कि प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। अब ब्लॉक लेवल पर कोरोना वैक्सीनेटर (ग्राउंड स्टॉफ) का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है जो 31 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। वह कहते हैं कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य हैं जिसने तहसील और ब्लॉक लेवल तक के स्टॉफ की ट्रैनिंग को पूरा कर लिया है और इसके लिए उसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से सराहना भी मिली है।
वह कहते है कि प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन के अभियान के सफल संचालन के लिए लॉजिस्टिक तैयारियां पूरी कर ली गई है। प्रदेश में कोरोना वैक्सीन रखने के लिए भोपाल, इंदौर,जबलपुर और ग्वालियर में चार रीजनल स्टोरेज सेंटर बनाए गए है। इसके साथ पूरे प्रदेश में कोरोना वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए 1214 कोल्ड चेन फोकल प्वाइंट (वैक्सीन  रखने का स्थान) जिसमें 40 नए फोकल प्वाइंट बनाए गए है। 
इसके साथ जिलों में ब्लॉक लेवल तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने के लिए 51 इन्सुलेटेंड वैक्सीन वैन को रखा गया है। इसके साथ ही वैक्सीन के संग्रहण और सुरक्षित रखने के लिए 411 डीप फ्रीजर, आठ वॉक इन फ्रीजर (walk-in-freezers) और आठ ही वॉक-इन-कूलर(walk-in-coolers) केंद्र से मांगए गए है। 
प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के पहले चरण में करीब चार लाख (3.84 लाख) हेल्थ वर्कर्स, 50 साल उपर वाले और हाईरिस्क की श्रेणी में आने वाले लोगों (कैंसर,डायबिटीज,हाइपरटेंशन बीमारी से पीड़ित) को लगाई जाएगी। वहीं तीसरे चरण में कोरोना वैक्सीनेशन फ्रंटलाइन वर्कर्स (पुलिस,नगर निगम, डिजास्टर मैनेजमेंट) के लोगों को वैक्सीनेशन होगा।  
कोरोना वैक्सीनेशन के लिए लोगों की पहचान और उन तक सूचना पहुंचाने के लिए वोटर आईडी कार्ड का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए गए को-विन सॉफ्टवेयर की मदद से वोटर आईडी कार्ड के जरिए 50 से उपर और 50 से कम आयु वर्ग के लोगों की श्रेणियां तैयार की जा रही है। जिसकी मदद से पूरा टीकाकरण कार्यक्रम चलेगा।
 
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विकास सिंह
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