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मीठा बचपन-सौंधा बचपन

गुरुवार,जनवरी 7, 2010
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स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक अनूठी घटना के तहत प्रधानमंत्री के बीमार पड़ने पर उनके इलाज के लिए एक राज्य के मुख्यमंत्री को दिल्ली आना पड़ा और दिलचस्प बात यह है कि इलाज कारगर भी साबित हुआ। इस घटना में बीमार व्यक्ति देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित ...
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जब बच्चों का ही दिन है तो क्यों न उन बच्चों के बारे में भी सोचा जाए जो न तो सुविधासंपन्न है और न ही शिक्षित, जिनके पास न तो खाने को पेट भर रोटी है और न ही तन ढँकने को कपड़े। ये बच्चे आपको गली-गली व चौराहों-चौराहों पर घूमकर जूते की पॉलिश करते, होटलों ...
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अचंभि‍त करते हैं बच्‍चे

शुक्रवार,नवंबर 13, 2009
दुनि‍या के सात अजूबे कोई भी हों लेकि‍न आठवाँ अजूबा हमेशा बच्‍चे ही रहेंगे, ऐसा मुझे लगता है। देखा जाए तो बच्‍चे ईश्वर की सबसे अद्भुत कृति‍ हैं। वि‍श्व में अगर सबसे ज्‍यादा संज्ञाएँ कि‍सी को दी जा सकती हैं तो वे बच्‍चे हैं दूसरा कोई नहीं। नि‍डरता, ...
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आओ, जानें चाचा नेहरू को

शुक्रवार,नवंबर 13, 2009
स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री और 6 बार कांग्रेस अध्यक्ष के पद को सुशोभित करने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर, 1889 को इलाहाबाद में हुआ। हैरो और कैम्ब्रिज में पढ़ाई कर 1912 में नेहरूजी ने बार-एट-लॉ की उपाधि ग्रहण की और वे बार में ...
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चाचा नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और तीन मूर्ति भवन प्रधानमंत्री का सरकारी निवास था। एक दिन तीन मूर्ति भवन के बगीचे में लगे पेड़-पौधों के बीच से गुजरते हुए घुमावदार रास्ते पर नेहरूजी टहल रहे थे। उनका ध्यान पौधों पर था। वे पौधों पर छाई बहार ...
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बचपन हर गम से बेगाना होता है

शुक्रवार,नवंबर 13, 2009
आज बच्चों का विकास जिस रूप में होगा। वही हमें कल के आने वाले अपने घर, परिवार, समाज और देश के रूप में दिखेगा। आज यदि ये लड़ाई-झगड़े की ओर प्रवृत्त हो गए तो आगे जाकर हमें हिंसा ही देखने को मिलेगी।
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बच्चे अपनी इस दुनिया को पूरी तरह भुलाकर खेलते हैं। अपनी एक अलग ही सुंदर दुनिया की रचना कर लेते हैं। वे जब खेलते हैं, उन्हें अपनी भूख-प्यास की कतई चिंता नहीं रहती। वे लगभग अपनी भूख-प्यास को भुलाकर खेलते हैं। यह मगन रहना है, अपनी दुनिया में। वे अपनी ...
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चाचा नेहरू को दो बातें बहुत पसंद थी पहली वे अपनी शेरवानी की जेब में रोज गुलाब का फूल रखते थे और दूसरी वे बच्चों के प्रति बहुत ही मानवीय और प्रेमपूर्ण थे। यह दोनों ही बातें उनमें कोमल हृदय है इस बात की सूचना देते हैं। बच्चों को वैसे ही लोग प्रिय है, ...
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