लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 और ज्योतिष : कितना चलेगा प्रियंका गांधी वाड्रा का जादू


लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम करीब है और सभी राजनीतिक दल एग्जिट पोल को लेकर भ्रम की स्थिति में हैं। फिलहाल चुनाव के पहले समीकरणों पर नजर डालें तो कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया है। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया। साथ ही उत्तरप्रदेश के पूर्वांचल का प्रभार भी दे दिया।

राजनीति में प्रियंका की एंट्री कांग्रेस और सहयोगी दलों के लिए कितनी धमाकेदार होगी, यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता चल सकेगा। हालांकि प्रियंका गांधी को पूर्व में सोनिया और राहुल गांधी के साथ चुनावी रैलियों में देखा जाता रहा है, लेकिन पहली बार उन्हें कांग्रेस में जिम्मेदारी मिली है और इसके साथ ही वे गांधी परिवार से सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाली 11वीं सदस्य बन गई हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से इस साल प्रियंका के लिए क्या होने वाला है खास, आइए जानते हैं।
प्रियंका गांधी का जन्म मिथुन लग्न में हुआ है। उनकी जन्मकुंडली के 10 वें भाव और 7 वें भाव के स्वामी बृहस्पति हैं। बृहस्पति स्वराशि होने के साथ ही केंद्र स्थिति में होना शुभ एक विशेष योग बनाता है, जो पंच महापुरुष राज योगों में से एक है।

इसके साथ ही बृहस्पति लग्न के स्वामी बुध और तृतीय भाव के स्वामी सूर्य के साथ भी हैं। यह ग्रह स्थिति इशारा करती है कि प्रियंका एक सहज, प्रभावशाली नेता और व्यक्तिगत तौर पर गतिशील हैं, जो अच्छी स्ट्रेटेजी बना सकती हैं। यह उनके भाषण में बौद्धिक गहराई, आकर्षण और आशावाद भी पैदा करता है। उनमें योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने संबंधी विचार करने के साथ ही उन्हें लागू करने की क्षमता भी हो सकती है।

सूर्य, जो अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है, उनके चार्ट में आत्मकारक ग्रह है और 7 वें घर में बृहस्पति और बुध को शक्ति प्रदान करता है। उनके पास बड़ी चीजों को हासिल करने का कौशल है। वह मतदाताओं को प्रभावित करने की मजबूत क्षमता रखती हैं। भाग्य स्थान को शुक्र का पूरा साथ मिला हुआ है, जो अपने मित्र की राशि में भी है। शनि भी सातवी दृष्टि से पंचम स्थान को देख रहा है। ग्रहों का यह मेल एक करिश्माई व्यक्तित्व को भी इंगित करता है, जो दूसरों को अपने विचारों के बारे में बहुत अच्छी तरह समझा सकता है। हालांकि उनके विरोधी उन्हें विवादों में घसीटने की पूरी कोशिश करेंगे।
प्रियंका गांधी वाड्रा शुक्र महादशा और शनि अंतरदशा से गुजर रही हैं। शनि काफी मजबूत है और शुक्र चार्ट में 9 वें और 10 वें भाव में अच्छी तरह से स्थित हैं, जो उनके राजनीति में शामिल होने का एक कारण हो सकता है। यह एक अनुकूल दशा अनुक्रम है, जो मतदाताओं की मानसिकता पर सकारात्मक प्रभाव पैदा करने में उनकी मदद कर सकता है...

उन्होंने कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, सितारों का संकेत है कि जहां-जहां प्रियंका के प्रचार-प्रसार किया है वहां-वहां निश्चित तौर पर कांग्रेस को फायदा मिलने वाला है। लेकिन संकेत यह भी हैं कि वर्चस्व को लेकर दोनों भाई-बहन में दूरियां बढ़ सकती हैं।

 

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