यहां सबकी लगी है की कहानी
निर्देशक : सतविष बोस, सायरस खम्बाटा
संगीत : पंकज अवस्थी
कलाकार : वरुण ठाकुर, एडन शायोधी, योशिका वर्मा, पवित्र सरकार
रिलीज डेट : 27 मार्च 2015
यहां सबकी लगी है में जिंदगी के उन पहलुओं को उभारा गया है जिनमें किसी को लगता है कि उसके साथ धोखा हुआ है, या कोई खुद को ठगा हुआ सा महसूस करता है। फिल्म इंग्लिश बोलने वाले शहरी युवाओं पर केंद्रित है। हम किस प्रकार आराम से आर्थिक और सामाजिक पैमानों पर अंतर पैदा करने वाले क्लास सिस्टम में रहते हैं। हम किस तरह से अपने विश्वासों से बेवकूफ बनते रहते हैं। हम किस तरह से अपनी पसंद नापसंद को सही साबित करने पर तुले रहते हैं। हमारी सभी इच्छाएं पूरी होती रहें, इसके लिए प्रयासरत रहते हैं। इस तरह के मुद्दों को फिल्म में उभारा गया है। फिल्म में हर एक मुद्दे के पक्ष/विपक्ष में तर्क दिए गए हैं और हमारी भावनाओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। पूरी तरह से मजाकिया फिल्म होने के बावजूद यह दार्शनिकता का स्पर्श लिए हुए है। फिल्म वर्तमान समय और परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर करती है।