दिलीप कुमार के निधन से बेहद दुखी लता मंगेशकर, बोलीं- अपनी छोटी बहन को छोड़कर चले गए...
Photo - Twitter
यूसुफ़ भाई आज अपनी छोटीसी बहन को छोड़के चले गए.. यूसुफ़ भाई क्या गए, एक युग का अंत हो गया. मुझे कुछ सूझ नहीं रहा. मैं बहुत दुखी हूँ, नि:शब्द हूँ.कई बातें कई यादें हमें देके चले गए.
— Lata Mangeshkar (@mangeshkarlata) July 7, 2021
लता मंगेशकर दिलीप कुमार को अपना बड़ा भाई मानती थीं और उन्हें राखी बांधती थी। लता मंगेशकर ने अपने पहले ट्वीट में लिखा, यूसुफ भाई आज अपनी छोटीसी बहन को छोड़के चले गए.. यूसुफ भाई क्या गए, एक युग का अंत हो गया। मुझे कुछ सूझ नहीं रहा। मैं बहुत दुखी हूँ, नि:शब्द हूँ। कई बातें कई यादें हमें देके चले गए।
यूसुफ़ भाई पिछले कई सालों से बिमार थे, किसीको पहचान नहीं पाते थे ऐसे वक़्त सायरा भाभीने सब छोड़कर उनकी दिन रात सेवा की है उनके लिए दूसरा कुछ जीवन नहीं था. ऐसी औरत को मैं प्रणाम करती हूँ और यूसुफ़ भाई कीं आत्मा को शान्ति मिले ये दुआ करती हूँ.
— Lata Mangeshkar (@mangeshkarlata) July 7, 2021
लता ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, यूसुफ भाई पिछले कई सालों से बिमार थे, किसीको पहचान नहीं पाते थे ऐसे वक़्त सायरा भाभीने सब छोड़कर उनकी दिन रात सेवा की है उनके लिए दूसरा कुछ जीवन नहीं था। ऐसी औरत को मैं प्रणाम करती हूँ और यूसुफ भाई कीं आत्मा को शान्ति मिले ये दुआ करती हूँ।
— Lata Mangeshkar (@mangeshkarlata) July 7, 2021
इसके अलावा लता मंगेशकर ने दिलीप कुमार संग अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें भी शेयर की हैं। एक तस्वीर में वह दिलीप कुमार को राखी बांधती नजर आ रही हैं। दूसरी तस्वीर में दिलीप कुमार उन्हें दुलार करते नजर आ रहे हैं। तीसरी तस्वीर कोलाज है, जिसमें लता मंगेशकर, दिलीप कुमार और सायरा बानो नजर आ रहे हैं।
बता दें कि दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को पेशावर में हुआ था। उनका असली नाम मुहम्मद युसूफ खान था। दिलीप कुमार ने साल 1944 में फिल्म ज्वार-भाटा से बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। दिलीप कुमार को 1995 में भारतीय फिल्मों के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
दिलीप कुमार ने मुगल-ए-आजम, देवदास, नया दौर, राम और श्याम जैसी अनेक हिट फिल्में दीं। वह आखिरी बार 1998 में आई फिल्म 'किला' में नजर आए थे।

