'आश्रम 3' निर्देशक प्रकाश झा को इस बात का लगता है डर, बोले- कुछ भी हो सकता है...

पुनः संशोधित बुधवार, 25 मई 2022 (16:43 IST)
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अपने बेखौफ और बेबाक विषयों से समाज को सच्चाई का आइना दिखानेवाले, सत्ता की राजनीति हो या आस्था के नाम पर धर्म गुरुओं की राजनीति, बिना किसी भय के सच्ची कहानियों को बड़े पर्दे पर दिखाने की इनकी कला कमाल की हैं। बेखौफ और निडरता से हर कहानी को बड़ी ही बारीकी से कह देनेवाले निर्देशक प्रकाश झा ने हाल ही में 'आश्रम 3' के प्रेस कॉन्फ्रेंस पहली बार कहा की हां, उन्हे भी डर लगता हैं। जब किसी अनचाही हलचल या विरोध का सामना होता हैं।

के प्रेस कांफ्रेंस पर जब निर्देशक प्रकाश झा को पूछा गया कि आश्रम के पहले सीजन में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और अब के सीजन में उनपर स्याही फेकी गई ऐसे में लगातार हो रहे हंगामों से क्या वो डर भी जाते हैं?

इनपर प्रकाश झा कहते हैं, आश्रम के बारे में ऐसा हैं कि कही कुछ भी हो सकता हैं, कोई कुछ भी कर सकता हैं। क्योंकि हमने विषय ही ऐसा चुना हैं जो समाज का विषय हैं लोगो से संबंध रखता हैं, लेकिन यहां किसी एक व्यक्ति या कल्पना की कहानी नहीं हैं। और मैं ये कहूं की मुझे डर नही लगता ये भी गलत बात हैं। लेकिन डर के जीना भी अच्छा नहीं लगता, तो उसके साथ जीता हूं।

उन्होंने कहा, हमेशा से मन करता हैं कि जो कहना हैं वो तो कहना ही हैं। किसी व्यक्ति को अगर व्यक्तिगत रूप से चोट पहुंचाए बिना कुछ कह सकूं, तो मैं कोशिश करता हूं की उसे कहूं अब चाहे वो राजनीतिक हो चाहे हो धार्मिक हो या चाहे वो व्यवसायिक हो। बाकी पत्थर फेंके जाते हैं, गालियां पड़ती हैं, एफआईआर दर्ज होते हैं चलो कोई नही लोगों के हाथ मजबूत होंगे।
आश्रम में बाबा निराला का चोला पहनकर मायाजाल फैला रहे हैं ऐसे में, जब प्रकाश झा से पूछा गया कि बॉलीवुड में वो किसे बाबा निराला समझते है तो उन्होंने हंसकर कहा कि 'मेरे सारे दोस्त तो मुझे ही बाबा निराला समझते हैं। मुझसे बड़ा निराला तो कोई हैं ही नहीं। मैं किसी और का नाम क्यों लू।'
इस प्रेस कांफ्रेंस में डायरेक्टर और प्रोड्यूसर प्रकाश झा के अलावा दर्शन कुमार, अध्यन सुमन, सचिन श्रॉफ, राजीव सिद्धार्थ, त्रिधा चौधरी, अनुप्रिया गोयनका और के सीसीओ गौतम तलवार भी मौजूद थे। एक बदनाम – आश्रम 3, एमएक्स प्लेयर पर 3 जून से स्ट्रीम की जाएगी।



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