सोनम कपूर : फ्लॉप फिल्मों के शानदार अनुभव!

सोनम कपूर
WD


'साँवरिया' से बॉलीवुड में कमजोर शुरुआत के बाद सोनम की अब तक कुल जमा 6 फिल्में रिलीज हुई हैं और लगभग सभी औसत या फ्लॉप ही रही हैं। अपनी फिल्मों में अपरिपक्व अभिनय क्षमता का परिचय देने के बावजूद सोनम की झोली फिल्मों और विज्ञापनों से भरी है।

जल्द ही वे 'भाग मिल्खा भाग' में फरहान अख्तर के अपोजिट में नजर आएंगी। हालाँकि इस फिल्म में सोनम के हिस्से कम ही रील होंगी किन्तु फिल्म के निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा से मधुर संबंधों के चलते सोनम ने यह फिल्म करना स्वीकार किया है। वे कहती हैं कि यह फिल्म मैं सिर्फ राकेश के लिए कर रही हूं। उन्होंने मुझे फिल्म करने के लिए कहा और मुझे इसे ठुकराने की कोई वाजिब वजह नजर नहीं आई। सोनम तो यहां तक कहती हैं कि यदि राकेश की फिल्मों में मुझे एक फ्रेम के लिए भी जगह मिलेगी तो भी मैं उसे करने के लिए भी तैयार हो जाऊंगी।

दरअसल सोनम का 'देल्ही 6' में राकेश मेहरा के साथ काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा है। इस फिल्म से सोनम को 'मसककली गर्ल' के रूप में थोड़ी पहचान भी मिली थी, शायद इसलिए भी वे संबंधों को बनाए रखे हुए हैं ताकि आगे उनके भरोसे कोई बड़ी पहचान बन जाए।

'आयशा' के बाद भले ही अभय देओल सोनम से नाराज हो गए हों किन्तु अब नाराजगी दूर करते हुए दोनों के राजकुमार संतोषी की आगामी अनाम फिल्म में साथ आने की संभावना है। यह एक कॉमेडी फिल्म होगी। वहीं 'आयशा' के निर्माण के बाद रिआ कपूर ने अब 'हीरोगिरी' बनाने की घोषणा की है और इस फिल्म में सोनम एक पत्रकार की भूमिका में होंगी। यह फिल्म भारतीय लेखक मैनिक धर के नॉवेल पर आधारित है।

सोनम की फिल्मों से इतर एक फैशन आइकॉन के रूप में भी पहचान है। लड़कियां तो उन्हें अपना स्टाइल गुरु मानती हैं और करीबी लोग उनसे फैशनेबल नजर आने के लिए सलाहें मांगते हैं। हाल ही सोनम कपूर को 'मौसम' के लिए खराब एक्टिंग का 'घंटा अवॉर्ड' से नवाजा गया लेकिन वे कहती हैं कि इस फिल्म में मेरे अभिनय की समीक्षकों ने तारीफ ही है। मैंने इस फिल्म के लिए काफी मेहनत भी की और मुझे इस बात का फख्र भी है। बकौल सोनम, कलात्मक दृष्टि से यह काफी उत्कृष्ट फिल्म है। सोनम यह भी कहती हैं कि 'मौसम' की रिलीज के बाद तो उनके पास ऑफरों की बाढ़ आ गई थी।

सोनम की अंतिम रिलीज 'प्लेयर्स' भले ही बॉक्स ऑफिस पर धराशायी हो गई हो किन्तु सोनम के लिए इस फिल्म में काम का अनुभव शानदार रहा था। दरअसल इस फिल्म में सोनम को एक युवा और बिंदास लड़की का किरदार निभाने का मौका मिला था।

इससे पहले सोनम कुछ सीरियस और कलात्मक श्रेणी के रोल कर रही थीं, सो इस फिल्म में काम करके उन्हें बहुत मजा आया। अन्य हीरोइनों की तरह सोनम नंबर दौड़ में तो जरा भी विश्वास नहीं करती हैं और न ही दूसरी हीरोइनों से कोई प्रतिस्पर्धा रखती हैं।

सोनम को लगता है कि उनकी फिल्मों में उन्होंने अब तक जो भी किरदार निभाए हैं वे सभी दर्शकों के जेहन में अब तक जिंदा हैं फिर चाहे वह 'साँवरिया' की सकीना हो, 'देल्ही 6' की बिट्टो हो या फिर 'मौसम' की आयत हो। उन्हें अपने निभाए सभी किरदार यादगार लगते हैं।

सोनम ऐसा कोई काम नहीं करना चाहतीं जो आसानी से भुला दिया जाए यानी कुछ 'अनफॉरगेटेबल' करने की कोशिश में हैं। वैसे अब तक के सोनम के काम को देखते हुए हमें तो 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' की कहावत ध्यान में आ गई और आपको...?
ND|
बॉलीवुड में की चर्चा जितनी फिल्मों में अभिनय को लेकर नहीं होती उससे कहीं अधिक 'सोना बेबी' अपने बयानों और 'फैशन सेंस' को लेकर चर्चित रहती हैं। कुछ लोग भले ही सोनम को बड़बोली मानें किन्तु उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता, वे अपनी मर्जी के मुताबिक बोलना या कहें जीना पसंद करती हैं। यहां तक कि वे अपने बेहद करीबियों के बारे में भी मीडिया के सामने बोलने से नहीं हिचकिचाती हैं।

- समीना शेख




और भी पढ़ें :