लॉकडाउन के दौरान सीरियल 'राम प्यारे सिर्फ हमारे' की एक्ट्रेस शमीन मन्नान ने किया यह काम

रूना आशीष| Last Updated: बुधवार, 7 अक्टूबर 2020 (18:31 IST)
जी टीवी पर जल्द ही एक नया शो शुरू होने वाला है। जिसका नाम है 'राम प्यारे सिर्फ हमारे।' यह सीरियल पति पत्नी और वो इस थीम पर बनाया गया है जहां पर राम एक बहुत ही आदर्श पति का रोल निभा रहे हैं और जो एक्टर यह रोल निभा रहे हैं, उनका नाम है निखिल खुराना।
वहीं दुलारी जो राम की पत्नी बनी हैं, वह अपने पति को दूसरी औरतों से बचाने के लिए हर किताब को ढूंढ निकालती है और नुस्खे आजमाती हैं कि उनका पति सिर्फ उनका ही रहे। ज्योति शर्मा इस रोल को निभा रही हैं। इन दोनों जोड़ी के बीच में टांग अड़ाने का काम करती हैं पड़ोसन कोयल। कोयल का रोल निभा रही हैं शमीन मन्नान से खास बातचीत की वेबदुनिया संवाददाता रूना आशीष ने।
के तुरंत बाद अब यह शूट हो रहा है। किन किन बातों का ध्यान आप खुद रखती हैं?
हमें जितनी भी गाइडलाइंस बताई गई है, निर्देशक निर्माताओं द्वारा हम सभी उसका इस्तेमाल कर रहे हैं। बार-बार अपने आप को सैनेटाइज करते रहते हैं, मास्क लगाते हैं और हमारे सब की सबसे अच्छी बात यह है कि इस बात का ध्यान हम नहीं रखते, हमारे सेट के हर शख्स को इस बात का अहसास है कि उन्हें न सिर्फ अपनी बल्कि अपने साथियों के भी सेहत का ध्यान रखना होगा इसलिए वह बिना मास्क बात ही नहीं करते हैं।

हां, हम लोगों को जो की एक्टिंग करनी है और कैमरा के सामने आना है तो हम लोगों को कई बार मास्क हटाना पड़ता है। लेकिन पहले जितना डर अब नहीं लगा जब शुरु-शुरु में शूट करने आए थे, थोड़ा सा डरे हुए थे लेकिन अब 15-20 दिन हो गए हैं। शूट करते करते तो यह आदत में शुमार हो गया है। अब बिल्कुल डर नहीं लगता। अब बिलकुल आसानी से हम सारी बातों का ध्यान में रखते हैं और अपनी एक्टिंग पर जोर देते हैं।
इस लॉकडाउन के दौरान आपने क्या किया?
इस लॉकडाउन के दौरान मैंने बहुत सारा काम किया। मैंने खूब सारे अपने फनी वीडियोज बनाएं। मैं अपने हिसाब से स्क्रिप्ट लिखती और परस्पर एक्ट करती और इन वीडियोज को मैं अपने सोशल मीडिया पर अपलोड कर देती। इस दौरान पेंटिंग भी की, मैं पहले करती थी लेकिन बीच में आदत छूट गई थी। पेंटिंग का सामान अब मैंने वापस उठा लिया है और फिर पेंटिंग करना शुरू कर दी है।
मैंने योगा भी खूब किया। एक बार छोड़ कर दो-दो बार किया क्योंकि टाइम बहुत ज्यादा मिल रहा था। मुझको कोई काम तो था नहीं। इस दौरान मैंने और कुछ भी किया, मैंने खाना पकाया जो मैंने जिंदगी में कभी नहीं किया था। लेकिन इस दौरान मैंने वह भी किया और बहुत तरह-तरह के व्यंजनों पर अपने हाथ आजमाती रही।

काफी दिनों बाद मिल रही हूं। आपसे बहुत अलग लग रही हैं।
बिल्कुल मैं इस दौरान अपना इतना ख्याल रख सकती थी उतना रखा है। मैंने दिन में दो बार योगा कर रही हूं। मैं फिर ग्रीन टी पीती रहती हूं या ब्लैक कॉफी पीती हूं। अपने आप को बहुत शांत रखती हूं और इस तरीके से नया लुक लाने की जरूरत पड़ी और यही लुक मेरे कोयल के रोल के लिए बहुत मददगार साबित हो रहा है।

थोड़ा अपने रोल के बारे में बताएं।
यह लड़की कोयल बहुत ज्यादा आत्मविश्वास से भरी हुई लड़की है। बहुत ही नमकीन है और तीखी मिर्च कहा जा सकता है। ऐसे यह बहुत स्मार्ट किस्म की लड़की है। इसे मालूम होता है कि इसे क्या चाहिए है। कहीं कोई कंफ्यूजन नहीं है इसके जिंदगी में। और पति पत्नी जो है यानी कि राम और दुलारी इन दोनों के बीच में अगर कभी कोई गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदार तो कोयल ही रहेगी।
यह रोल क्या एक नेगेटिव रोल होगा।
इसे निगेटिव नहीं कहा जा सकता जैसा कि मुझे निर्देशक ने समझाया। मेरा रोल कुछ इस तरीके से है कि पति-पत्नी के बीच में हमेशा आग लगाने का काम कर देती है। और बात ऐसी है कि जब वह यह आग लगाने वाले या टांग अड़ाने वाले काम करती है तो उसके अपने एक बहुत सही कारण भी होते हैं सब काम करने के पीछे। और अंत में वह यह तो चाहती है कि राम को वह अपना बना कर रख ले। इतनी स्मार्ट है कोयल कि कब लोगों को अपनी उंगलियों पर घुमाएगी लोगों को खुद को समझ में नहीं आएगा।

कोयल के लिए आपका ड्रेसिंग भी कुछ अलग है। क्या इससे रोल निभाने में मदद मिलती है?
ड्रेसिंग एक बहुत बड़ा भाग होता है, किसी भी रोल को करने के लिए। अब जैसे इसमें मेरा रोल बहुत ही ज्यादा मजबूत और बहुत ही बिंदास किस्म की लड़की का है और वह गले में अपने ही नाम यानी कोयल के नाम का ही पेंडेंट पहनती है। तो जो भी देखेगा उसे समझ में आ जाएगा कि यह अपने आप पर कितनी मोहित है। उसे अपने अलावा कुछ सूझता ही नहीं। और मेरे कपड़े भी लगभग इंडो वेस्टर्न टाइप के ही हैं। जिस भी तरीके का ड्रेसिंग मुझे दिया गया है उसके बाद कोयल का पूरा लुक और उसका कैरेक्टर इस ड्रेसिंग की वजह से खुलकर सामने आता है।
कभी सोचा है कि इस किरदार की वजह से आपके अंदर भी कोई तब्दीली आ गई हो।
बिल्कुल होता है, एक एक्टर जो किरदार निभा रहा हो उसकी कुछ बातें वह खुद भी अपना लेता है और वह भी बिना जाने पहचाने। उसे खुद को समझ में नहीं आता है कि कब उसने अपने ही रोल की किसी बात को जीना शुरु कर दिया। ये एक बहुत ही सहज बात है क्योंकि उस रोल को उस करैक्टर को हम 12-13 घंटे रोज जी रहे होते हैं और यह हमारी ही कोशिश रहती है कि हम कहानी या स्क्रिप्ट में लिखे किरदार को जीवित कर दें।

अगर कोयल के किरदार कि मैं बात करूं तुम मुझे ऐसा लगने लगा है कि मैं बहुत ज्यादा बिंदास होने लगी हूं। मैं पहले इतनी कॉन्फिडेंट नहीं हुआ करती थी जितनी आज महसूस करती हूं। मुझे दुनिया को देखने का नजरिया कुछ अलग सा लगने लगा है और मैं इस नए रूप को भी खूब पसंद कर रही हूं।



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