मकर संक्रांति यानी स्वादिष्ट खान-पान, गुड़ और तिल के लड्डू, पतंग उड़ाने और ढेर सारी मस्ती करने का दिन। पतंगबाजी के दौरान अगर मकर संक्रांति के उत्सव से जुड़े गाने चला दिए जाएं तो पतंग उड़ाने का जोश ही दुगना हो जाता है।
हमारी भारतीय फिल्मों में हर वार, त्योहार, हर परिस्थिति और अवसर को बयां करते हजारों गीत फिल्माए जाते रहे हैं। और जब मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का विशेष महत्व है, तो ऐसे में भला पतंग के संबोधन वाले गानों पर एक नजर कैसे न डाली जाए?
जानते हैं बॉलीवुड के कुछ ऐसे गीत, जो इस दिन की मस्ती, उड़ती पतंग के उतार-चढ़ाव को हमारी जिंदगी से जोड़कर बेहद ही खूबसूरती से बयां करते हैं। तो आपके लिए प्रस्तुत हैं 5 ऐसे गीत जो पतंगबाजी पर फिल्माए गए हैं जिसे पढ़कर आप इस त्योहार का सार कल्पना कर महसूस कर पाएंगे।
1. 1999 में बनी सुपरहिट फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' का गीत 'ऐ ढील दे, ढील दे दे रे भैया'
इस गाने में पतंगबाजी की मस्ती को हूबहू फिल्माया गया है। गाने को लिखा है महबूब ने और गाया है शंकर महादेवन, दमयंती बरदाई, ज्योत्स्ना हर्डीकर और साथी कलाकारों ने। संगीत है इस्माइल दरबार का।
2. रुत आ गई रे- 1947 अर्थ फिल्म का गीत
इस गीत में आमिर खान फिल्म की नायिका नंदिता दास को पतंग उड़ाना सिखाते हैं और पतंगबाजी के मर्म को उनके बीच सूक्ष्म रोमांस के जरिए बड़ी ही खूबसूरती से दिखाया गया है। इस गीत के गीतकार हैं सुखविंदर सिंह। गीत लिखा है जावेद अख्तर ने और म्यूजिक दिया है एआर रहमान ने।
3. 2017 की फिल्म 'रईस' का गीत 'उड़ी-उड़ी जाए'
इस गीत में बड़ी खूबसूरती से पतंग को दिल की संज्ञा दी गई है और मांझे को नजर कहा है और बताया है कि कैसे नजरों के मांझे से दिल की पतंग गोते खाती है। गीत को गाया है भूमि त्रिवेदी ने और सुखविंदर सिंह ने। राम संपत ने गीत को लिखा है और लीरिक्स दिया है जावेद अख्तर ने।
4. 2013 में आई फिल्म 'फुकरे' का गीत 'अम्बरसरिया'
ये गीत पूरी तरह तो पतंग पर आधारित नहीं है, लेकिन यह भारतीय भावनाओं को अच्छी तरह दिखाता है और पतंग के माध्यम से नायक पुलकित सम्राट, फिल्म की नायिका प्रिया आनंद को अपना संदेश भेजता है। यह दृश्य आपको मकर संक्रांति के दिन की उन खुशियों और जवानी के लापरवाह दिनों तक ले जाएगा। इस गीत को गाया है सोना महापात्र ने। म्यूजिक दिया है राम सम्पत ने और लीरिक्स लिखे हैं मुन्ना धीमन ने।
5. 2013 में आई फिल्म : काई पो चे का गीत 'मांझा'
फिल्म का शीर्षक ही पतंगबाजी या कह लें कि पतंग उड़ाने के त्योहार पर आधारित है- काई पो चे। गुजरात में उत्तरायन के आसपास बनी हुई इस फिल्म के एक गीत 'मांझा' में पतंग उड़ाते हुए कुछ मजेदार दृश्य हैं, जो आपको इस त्योहार की याद ताजा करते हैं। इस गीत के गायक हैं अमित त्रिवेदी। संगीत भी इन्होंने ही दिया है और गीत लिखा है स्वानंद किरकिरे ने।
6. फिल्म कटी पतंग (1970) का गीत : 'ना कोई उमंग है...'
इस गीत में नायिका ने अपने जीवन की तुलना आसमान से कटकर गिरी हुई पतंग से की है और बड़ी ही खूबसूरती से इस गीत के माध्यम से जीवन के एक अलग पहलू को पतंग से जोड़कर नायिका ने अपने जीवन का एक अलग दौर और भावनाएं दर्शाई हैं। इस गीत को लिखा है आनंद बक्षी ने। आवाज दी है लता मंगेशकर ने और संगीत है राहुल देव बर्मन का।