‘भारंगम' का समापन: शून्य से शुरू हुआ सफर, अब वैश्विक शिखर पर
शकील अख़्तर | बुधवार,फ़रवरी 25,2026
एनएसडी का 25वां 'भारत रंग महोत्सव' सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 5,000 कलाकारों की मेहनत और 15 देशों की भागीदारी ने इसे ...
बरबाद: औरतों की तबाही और वजूद का सवाल
शकील अख़्तर | गुरुवार,फ़रवरी 12,2026
दिल्ली के त्रिवेणी कला संगम में डॉ. सत्येंद्र तनेजा स्मृति फेस्टिवल की शुरुआत नाटक 'बरबाद' से हुई। यह नाटक अमेरिकी ...
भारत रंग महोत्सव: 'जश्न-ए-बचपन' में आया 'नन्हा साइंटिस्ट'
शकील अख़्तर | शुक्रवार,जनवरी 30,2026
'जश्न-ए-बचपन' में 'नन्हा साइंटिस्ट' एडिसन इलेक्ट्रिक बल्ब के साथ बच्चों के दिमाग की बत्ती भी जला गया! मोहित जैन ...
25वें 'भारत रंग महोत्सव' का होने जा रहा शुभारंभ, होंगे 277 नाटक, शुरू होगा एनएसडी का रेडियो-ओटीटी चैनल
शकील अख़्तर | शुक्रवार,जनवरी 23,2026
'भारत रंग महोत्सव' (भारंगम/BRM) 27 जनवरी से शुरू होकर 22 फरवरी 2026 तक चलेगा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली (NSD) के ...
प्रेमचंद की 22 कहानियों का 22 भाषाओं में हुआ नॉन स्टॉप मंचन, गिनीज बुक में दर्ज होगा रिकॉर्ड
शकील अख़्तर | बुधवार,अक्टूबर 29,2025
दिल्ली में कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 22 कहानियों का 22 भारतीय भाषाओं में मंचन का कीर्तिमान रचा गया है। बड़ी बात ये ...
अभय जी : एक युग का अवसान
शकील अख़्तर | गुरुवार,मार्च 23,2023
इंदौर में पत्रकारिता, खेल और कला-संस्कृति में अभिरुचि का एक और स्तंभ ढह गया। इंदौर की पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर पर ...
आखिर कैसे नेताजी सुभाषचंद बोस ने अपने राष्ट्र के लिए यह सब कर दिखाया?
शकील अख़्तर | सोमवार,जनवरी 23,2023
नेताजी भारत को आजाद कराने के अपने संघर्ष में लगातार वक्त के मुताबिक रणनीतियां बना रहे थे, जब उन्हें लगा कि जर्मनी में ...
सौ साल पहले भारत की आज़ादी का वो संघर्ष और नेताजी की वैश्विक दृष्टि
शकील अख़्तर | सोमवार,जनवरी 23,2023
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की दृष्टि कितनी वृहद थी, उनकी सोच कितनी व्यापक थी, आज यह सब सोचकर हैरानी होती है। सोचिए आज से सौ ...
किसी फ़रिश्ते से कम नहीं थे ग़ज़ल गायक स्व. जगजीत सिंह : राजेश बादल
शकील अख़्तर | रविवार,अक्टूबर 16,2022
जगजीत सिंह के निधन के बाद उनके जन्म स्थान श्री गंगानगर में हज़ारों घरों में चूल्हे तक नहीं जले। सौ से ज्यादा शोक सभाएं ...
होश खो देने से पहले होशियार, किलर नंबर 1 है शराब - डॉ. अभय बंग
शकील अख़्तर | मंगलवार,अक्टूबर 4,2022
महात्मा गांधी कहा करते थे, ‘अगर मुझे एक दिन के लिए डिक्टेटर बना दिया जाए तो मैं बिना मुआवज़े के शराब की सारी दुकानें ...

