वर्ष 2022 में राहु केतु चलेंगे अपनी चाल, बचने के लिए करें लाल किताब के उपाय

Rahu ketu Transit 2022
Last Updated: गुरुवार, 17 फ़रवरी 2022 (15:42 IST)
वर्ष 2022 में 4 बड़े ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। बृहस्पति, शनि, राहु और केतु। करीब 18 साल 7 महीने बाद राहु मेष राशि में प्रवेश करेगा और केतु तुला राशि में प्रवेश करेगा। वृषभ, मकर और धनु के लिए राहु केतु का गोचर शुभ नहीं है जबकि मिथुन, कर्क, तुला और वृश्चिक के लिए यह शुभ होगा। बाकि के लिए सामान्य रहेगा। राहु आपकी राशि के जिस भी भाव, घर या खाने में गोचर करेगा उसके अनुसार आप उपाय करके इनके बुरे प्रभाव से बच सकते हैं।


जैसे मेष राशि के जातकों के लिए अप्रैल माह 2022 में राहु लग्न राशि के दूसरे भाव से निकलकर पहले में गोचर करेगा। वृषभ राशि के लग्न भाव में राहु गोचर कर रहे हैं जो अशुभ माना जाता है। इसके बाद राहु 12वें भाव में गोचर करेगा तो खर्चें बड़ा देगा और सेहत को बिगाड़ देगा। मकर राशि में अगले वर्ष अप्रैल में चतुर्थ भाव में राहु गोचर करेगा। यह समय करियर, नौकरी, जमीन-जायदाद और माता की सेहत के लिए अच्छा नहीं होगा। राहु के प्रभाव से जॉब और प्रॉपर्टी समेत अन्य मामलों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। धनु राशि में राहु छठे के बाद अप्रैल 2022 में पंचम भाव में प्रवेश करेगा। इस भाव में राहु आय और व्यापार में तो शुभ फल प्रदान करता है लेकिन प्रेम संबंधों, परिवार, बच्चों और शेयर बाजार आदि कार्यों के लिए अच्छा नहीं होता है। इसी तरह अन्य राशियों के गोचर को समझें। राहु उल्टे रूप में गोचर करता है। जैसे लग्न से 12वें, 11वें, 10वें आदि।
1. खाना नंबर एक : यदि आपकी कुंडली के पहले भाव में राहु और सातवें भाव में केतु हो तो चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें।

2. खाना नंबर दो : यदि आपकी कुंडली के दूसरे भाव में राहु और आठवें में केतु हो तो दो रंग या ज्यादा रंगों वाला कंबल दान करें।

3. खाना नंबर तीन : यदि आपकी कुंडली के तीसरे भाव में राहु और नवम भाव में केतु हो तो सोना धारण करें। बाएं हाथ की कनिष्ठा में सोने का छल्ला पहनें या चने की दाल बहते पानी में बहाएं।
4. खाना नंबर चार : यदि आपकी कुंडली के चौथे भाव में राहु और दसम भाव में केतु हो तो चांदी की डिब्बी में शहद भरकर घर के बाहर जमीन में दबाएं।

5. खाना नंबर पांच : यदि आपकी कुंडली के पांचवें भाव में राहु और ग्यारहवें भाव में केतु हो तो घर में चांदी का ठोस हाथी रखें।

6. खाना नंबर छह : यदि आपकी कुंडली के छठे भाव में राहु और बारहवें भाव में केतु हो तो बहन की सेवा करें, ताजे फूल अपने पास रखें व कुत्ता पालें।
7. खाना नंबर सात : यदि आपकी कुंडली के सातवें भाव में राहु और पहले भाव में केतु हो तो लोहे की गोली को लाल रंग से रंगकर अपने पास रखें। चांदी की डिब्बी में बहते पानी का जल भरकर उसमें चांदी का एक चौकोर टुकड़ा डालकर तथा डिब्बी को बंद करके घर में रखने की सलाह दी जाती है। ध्यान रखते रहें कि डिब्बी का जल सूखे नहीं।

8. खाना नंबर आठ : यदि आपकी कुंडली के अष्टम भाव में राहु और दूसरे भाव में केतु हो तो 800 ग्राम सिक्कों के आठ टुकड़े करके एकसाथ बहते पानी में प्रवाहित करना अच्छा होगा।
9. खाना नंबर नौ : यदि आपकी कुंडली के नवम भाव में राहु और तीसरे भाव में केतु हो तो चने की दाल पानी में प्रवाहित करें। चांदी की ईंट बनवाकर घर में रखें।

10. खाना नंबर दस : यदि आपकी कुंडली के दसम भाव में राहु और चौथे भाव में केतु हो तो पीतल के बर्तन में बहती नदी या नहर का पानी भरकर घर में रखना चाहिए। उस पर चांदी का ढक्कन हो तो अतिउत्तम।

11. खाना नंबर ग्यारह : आपकी कुंडली के ग्यारहवें भाव में राहु और पांचवें भाव में केतु होने पर 400 ग्राम सिक्के के 10 टुकड़े कराकर एकसाथ बहते जल में प्रवाहित करना चाहिए। इसके अलावा 43 दिनों तक गाजर या मूली लेकर सोते समय सिरहाने रखकर सुबह मंदिर आदि में दान कर दें।
12. खाना नंबर बारह : यदि आपकी कुंडली के बारहवें भाव में राहु और छठे भाव में केतु हो तो लाल रंग की बोरी के आकार की थैली बनाकर उसमें सौंफ या खांड भरकर सोने वाले कमरे में रखना चाहिए। कपड़ा चमकीला न हों। केतु के लिए सोने के जेवर पहनना उत्तम होगा।

सावधानी : उपरोक्त बताए गए उपायों को के किसी योग्य ज्योतिष से सलाह लेकर ही अमल में लाएँ।



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