रेल की सीटी...
रेल की सीटी में कैसी हिज्र की तम्हीद थी,
उसको रुख़्सत करके जब लौटे तो अंदाज़ा हुआ।
-परवीन शाकिर
उसको रुख़्सत करके जब लौटे तो अंदाज़ा हुआ।
-परवीन शाकिर

