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Written By भाषा

फरवरी में हो सकती है 3जी नीलामी

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नई दिल्ली, सरकार ने संभवत: पाँच क्षेत्रों में 3जी सेवा के लिए निजी क्षेत्र के चार ऑपरेटरों को अनुमति देने का फैसला कर लिया है। वहीं देश के अन्य हिस्सों में स्पेक्ट्रम के लिए प्रतिस्पर्धा निजी क्षेत्र के तीन ऑपरेटरों के बीच सीमित रह जाएगी। इस बीच, सरकार ने संकेत दिया है कि 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया अगले माह के मध्य में हो सकती है।

इस मामले से संबद्ध सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने दूरसंचार मंत्री ए राजा को 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया को बिना देरी के शुरू करने को कहा है। मुखर्जी 3जी पर मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) के प्रमुख भी हैं।

समझा जाता है कि मुखर्जी ने 3जी सेवा के लिए खिलाड़ियों की संख्या के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ विचार-विमर्श किया है।

सरकार को स्पेक्ट्रम की नीलामी से चालू वित्त वर्ष के दौरान 35,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। ईजीओएम ने इससे पहले देशभर में स्पेक्ट्रम के चार ब्लाकों की नीलामी करने का फैसला किया था। लेकिन रक्षा मंत्रालय के साथ विवाद के चलते दूरसंचार विभाग (डाट) इस बारे में कोई फैसला नहीं ले पाया। स्पेक्ट्रम पर ज्यादातर नियंत्रण रक्षा मंत्रालय के पास है।

डाट इसी सप्ताह संभावित बोलीदाताओं से आवदेन आमंत्रण नोटिस :एनआईए: के साथ आ सकता है। अगले माह के मध्य से स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

रक्षा मंत्रालय पहले ही 10 मेगाहट्र्ज के 3जी स्पेक्ट्रम को खाली कर चुका है। साथ ही रक्षा मंत्रालय ने इस साल के मध्य तक पाँच मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम और खाली करने की सहमति जताई है। सफल बोलीदाताओं को एक-एक कर स्पेक्ट्रम का आवंटन अगस्त-सितंबर में किया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि सफल बोलीदाताओं को इस साल मार्च तक स्पेक्ट्रम के लिए पूरी राशि का भुगतान करना होगा। इससे पहले आज ही राजा ने कहा था कि सरकार चालू वित्त वर्ष के दौरान 3जी की नीलामी को पूरा करने की इच्छुक है। ‘एनआईए अगले सप्ताह तक जारी कर दिया जाएगा।’

वैसे चार स्लाट के लिए स्पेक्ट्रम की नीलामी 14 जनवरी को होनी थी। लेकिन भुगतान की समयावधि को लेकर वित्त मंत्रालय के साथ विवाद तथा रक्षा मंत्रालय के साथ स्पेक्ट्रम को छोड़े जाने के मसले पर मतभेदों को चलते इस प्रक्रिया में विलंब हो गया है।

सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के लिए 3जी स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य 3,500 रुपये तय किया है, जबकि वायरलेस ब्राडबैंड सेवाओं (वाईमैक्स) के आरक्षित मूल्य 1,750 करोड़ है। (भाषा)
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