क्या राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी का बदलेगा विभाग? मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच उठे बड़े सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के SCO समिट से भारत लौटते ही मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई। ऐसा माना जा रहा है कि नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह समेत 70 पार के मंत्रियों की जिम्मेदारी कम की जा सकती है। कहा जा रहा है कि कैबिनेट में बदलाव के दौरान महिला मंत्रियों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। ALSO READ: indus waters treaty : सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा विवाद, भारत के सामने फिर गिड़गिड़ाया Pakistan
मोदी कैबिनेट में 70 वर्ष से अधिक के 14 मंत्री हैं। इनकी संख्या कम कर नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। 70 प्लस के कुछ मंत्रियों को संगठन में एडजस्ट किया जा सकता है जबकि कुछ को राज्यों में भूमिका दी जा सकती है। अश्विनी वैष्णव के प्रमोशन और नितिन गडकरी के विभाग में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
राजनाथ सिंह के विभाग को लेकर क्यों चर्चा?
राजनाथ सिंह मोदी सरकार के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा है। 1 सितंबर को उन्होंने रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों से उत्पादन क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर जोर दिया था।
ऐसे में एक सवाल यह भी है कि क्या संभावित फेरबदल में राजनाथ सिंह की जिम्मेदारी को बदला जाएगा या उन्हें मौजूदा मंत्रालय में ही बनाए रखा जाएगा? राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नीति से सीधे जुड़ा हुआ है।
गडकरी को लेकर भी क्यों बढ़ी अटकलें?
नितिन गडकरी लंबे समय से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं और मोदी सरकार के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर चेहरों में गिने जाते हैं। 2024 में गठित कैबिनेट में भी उन्हें यही मंत्रालय मिला था। कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स और कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच गडकरी के नाम को लेकर भी अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उनके विभाग में बदलाव या उन्हें किसी दूसरे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या दोनों नेताओं को मिल सकती है नई जिम्मेदारी?
यही वह सवाल है जिसने मौजूदा चर्चाओं को सबसे ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। यदि मोदी सरकार व्यापक फेरबदल करती है तो वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और राजनीतिक वजन को देखते हुए उनकी जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एक संभावना यह भी हो सकती है कि सरकार मौजूदा चेहरों को उन्हीं मंत्रालयों में बनाए रखकर नए नेताओं को दूसरे महत्वपूर्ण विभागों में जगह दे। दूसरी तरफ, अगर फेरबदल को व्यापक बनाया जाता है तो वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव संभव है।
फेरबदल के पीछे क्या हो सकती है रणनीति?
कैबिनेट में संभावित बदलाव को केवल मंत्रालयों के फेरबदल के रूप में नहीं देखा जा रहा। बीजेपी के संगठन में हुए बदलाव के बाद सरकार में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की जरूरत भी एक बड़ा फैक्टर हो सकती है। हालिया रिपोर्टों में कैबिनेट फेरबदल को संगठनात्मक बदलाव के बाद की संभावित अगली कड़ी के तौर पर देखा गया है।
ऐसे में अगर फेरबदल होता है तो नए चेहरों को जगह देने के साथ-साथ कुछ वरिष्ठ नेताओं को अतिरिक्त या नई जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी अपने मौजूदा मंत्रालयों में बने रहेंगे या मोदी सरकार उनके अनुभव का इस्तेमाल किसी दूसरी बड़ी जिम्मेदारी में करेगी? जवाब कैबिनेट फेरबदल की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा। तब तक दोनों नेताओं के विभाग बदलने की खबरों को संभावना और राजनीतिक अटकल के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

