शुक्रवार, 22 मई 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Follow us
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
×
Close
धर्म-संसार
व्रत-त्योहार
आरती/चालीसा
Pradosha Ashtakam
Written By
देवाधिदेव महादेव का पावन प्रदोषस्तोत्राष्टकम्
हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
वेबदुनिया पर पढ़ें :
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
ज़रूर पढ़ें
अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें
प्रत्येक तीसरे साल अधिकमास का संयोग बनता है। इस मास को पुरुषोत्तम माह भी कहते हैं। साल 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) का योग बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब एक ही चंद्र मास दो बार आता है, तो पहले वाले को 'अधिकमास' और दूसरे को 'शुद्ध' या 'निज' मास कहा जाता है। यहां ज्येष्ठ अधिकमास 2026 की तिथियां और इस दौरान पालन किए जाने वाले नियम दिए गए हैं। 17 मई 2026 (रविवार) से 15 जून 2026 (सोमवार) तक अधिकमास रहेगा। चलिए जानते हैं इस माह की 6 खास बातें।
वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips
Vastu Shastra n Happy Home Tips: खुशहाल घर ही खुशहाल जीवन की नींव है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की ऊर्जा हमारे स्वास्थ्य, रिश्तों और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालती है। यहां खुशहाल घर बनाए रखने और खुशहाल जीवन के लिए 10 सबसे सरल और प्रभावी वास्तु उपाय दिए गए हैं, जिन्हें आप आसानी से अपना सकते हैं...
सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल
ज्योतिषीय कैलेंडर में 15 मई 2026, शुक्रवार का दिन बेहद खास होने वाला है। इस दिन ग्रहों के राजा सूर्य अपने मेष राशि के सफर को विराम देकर शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे, जिसे 'वृषभ संक्रांति' के नाम से जाना जाता है।
सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल
ज्योतिष की दुनिया में सूर्य का राशि परिवर्तन महज एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि हमारे जीवन की ऊर्जा बदलने का संकेत है। 15 मई 2026, शुक्रवार की सुबह 06:00 बजे जब ग्रहों के राजा सूर्य अपनी उच्च राशि मेष को छोड़कर शुक्र की प्रिय राशि वृषभ में कदम रखेंगे, तो पूरे ब्रह्मांड का मिजाज बदल जाएगा। 15 जून तक सूर्य यहीं रहकर हमारे आर्थिक फैसलों, पारिवारिक रिश्तों और आत्मविश्वास को नई दिशा देंगे। आइए जानते हैं, इस 'सौर-क्रांति' का आपकी राशि पर क्या असर होने वाला है।
घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां
घर में अचानक चमगादड़ का आ जाना थोड़ा डरावना या अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे आमतौर पर धार्मिक मान्यताओं से ज्यादा वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण होते हैं। यहां कुछ प्रमुख कारण दिए गए हैं कि चमगादड़ आपके घर में क्यों घुस आते हैं।
वीडियो
और भी वीडियो देखें
धर्म संसार
राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल
18 मई 2025 को राहु महाराज ने मीन राशि को अलविदा कहकर शनि की राशि कुंभ में प्रवेश किया था, जिसके बाद से दुनिया ने तकनीक में क्रांति और राजनीति में गजब की उथल-पुथल देखी। अब साल 2026 में भी राहु इसी राशि में रहकर अपना जलवा बिखेर रहे हैं और अक्टूबर के अंत में मकर राशि में जाएंगे। इस पूरे गोचर के दौरान, वैसे तो उतार-चढ़ाव हर किसी के जीवन में आते हैं, लेकिन 5 राशियां ऐसी हैं जिन पर राहु देव साल 2025 से ही मेहरबान हैं और आगामी 31 अक्टूबर तक उनके सितारे बुलंद रहने वाले हैं। आइए जानते हैं इस लिस्ट में कौन-कौन शामिल है।
आल्हा जयंती कैसे और कब मनाई जाती है?
Legendary warriors Alha-Udal: आल्हा जयंती परंपरागत भारतीय लोक और धर्म संस्कृति में एक महत्वपूर्ण उत्सव है, खासकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। इन्हें भक्ति, वीरता और न्यायप्रियता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है...
Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?
rohini nakshatra mein surya ka gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर के समय सुबह जल्दी उठकर सूर्य दर्शन और हल्का जल पीना शुभ होता है। रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026 के समय नौतपा के पहले 9 दिनों में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। यहां इसे ज्योतिषीय और पारंपरिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है।
सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और बुध की युति से बनने वाले 'बुधादित्य राजयोग' को बेहद शुभ और शक्तिशाली माना गया है। सूर्य जहां आत्मा, मान-सम्मान, सफलता और सरकारी क्षेत्र के कारक हैं, वहीं बुध बुद्धि, व्यापार, तर्कशक्ति और संवाद के स्वामी हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ वृषभ राशि (शुक्र की राशि) में आते हैं, तो यह योग और भी अधिक फलदायी हो जाता है। वृषभ राशि स्थिरता, धन और भौतिक सुखों की राशि है। इस गोचर से मुख्य रूप से 6 राशियों की किस्मत चमकने वाली है, जिन्हें करियर में तरक्की और बम्पर धन लाभ होगा। आइए जानते हैं वो भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं।
मिथुन राशि में गुरु-शुक्र की दुर्लभ युति, 3 राशियों पर होगी धन और सुख की बारिश
ज्योतिष शास्त्र में गुरु (बृहस्पति) और शुक्र को सबसे शुभ और फलदायी ग्रह माना गया है। गुरु जहां ज्ञान, भाग्य, और वृद्धि के कारक हैं, वहीं शुक्र धन, वैभव, विलासिता और सुख-सुविधाओं के स्वामी हैं। जब इन दोनों बड़े ग्रहों की युति (मिलन) मिथुन राशि में होती है, तो यह एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली गजलक्ष्मी योग का निर्माण करती है। इस युति के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में सुख, शांति और धन की भारी वर्षा होने के योग बनते हैं। आइए जानते हैं वो भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं।