Fact Check: कपूर-अजवायन की पोटली सूंघने से ऑक्सीजन लेवल बढ़ सकता है? जानिए पूरा सच
- सुरभि भटेवारा
भारत में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप अपने चरम स्तर पर पहुंच गया है। एक बार फिर पिछले साल की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लेकिन इस महामारी का भय और कई तरह की अफवाह फैलाने में सोशल मीडिया की भी कहीं न कहीं बड़ी भूमिका है। जी हां, व्हाट्सएप पर एक मैसेज धड़ल्ले से वायरल हो रहा है जिसमें बताया गया है कि कैसे घरेलू उपाय से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाया जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि कपूर और अजवायन की पोटली को सूंघने से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। लेकिन इस दावे में कितनी सच्चाई है? इससे पहले आपको बता देते हैं कि क्या मैसेज वायरल हो रहा है।
गुजरात के संजीवनी हेल्थकेयर के डॉ. प्रयागराज डाभी के नाम से वायरल मैसेज में लिखा गया है, “आज मैं आपके साथ साझा करना चाहूंगा कि जैन समुदाय के नेता प्रमोदभाई मलकान के साथ क्या हुआ था। उनके बेटे को कोरोना़ पॉजिटिव था। ऑक्सीजन का स्तर (लेवल) 80-85 हो गया था। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अस्पताल में भर्ती करना जरुरी था। लेकिन घरेलू उपाय के जानकार प्रमोदभाई ने कपूर का एक क्यूब और एक चम्मच अजवायन को रूमाल में बांधकर 10 से 12 बार लंबी गहरी सुंघवाने की कोशिश करवाई।
हर दो घंटे इसे शुरू करने से 24 घंटे के भीतर, ऑक्सीजन का स्तर 98-99 तक चला गया और हॉस्पिटल जाने की झंझट से बच गए। उनके एक दोस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्होंने यह प्रयोग उस पर भी किया जिसका अच्छा परिणाम मिला और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। यह जानकारी समाज के लिये बनाई गई है ताकि यह दूसरों के लिए उपयोगी हो।”
क्या है सच-
वेबदुनिया ने डॉ. प्रयागराज डाभी से सीधे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वायरल मैसेज गलत है। डॉ. डाभी ने कहा कि उनका नाम खराब करने के लिए यह मैसेज किसी और के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने एक मैसेज शेयर करते हुए वायरल हो रहे मैसेज पर स्पष्टीकरण भी दिया है।
“जनहित के लिए डॉ. प्रयागराज डाभी द्वारा उनके नाम व नम्बर के साथ घूम रहे फर्जी मैसेज पर संदेश
नमस्कार, मैं डॉ. प्रयागराज डाभी, संजीवनी हेल्थकेयर, भावनगर, गुजरात से हूं। पिछले कई दिनों से कुछ लोग जो, हमसे जलने वाले व दुश्मनावट रखने वाले व आयुर्वेद को बदनाम करने के लिए व हमें कानूनन फंसाने के लिए हमारा नाम व नम्बर डालकर कोरोना को ठीक करने वाले व ऑक्सीजन बढ़ाने वाले फर्जी मैसेज हमारे नाम से लिखकर खूब वायरल कर रहे हैं और भोली जनता इस षडयंत्र को ना समझकर दूसरों से शेयर कर रही है तो हमारा आपसे अनुरोध है ऐसा मैसेज हमारे द्वारा नहीं लिखा जाता है और ना ही फैलाया जाता है। अगर आप इसको फोलो व शेयर करते हैं तो इसके जिम्मेदार आप खुद होंगे।”
भारत में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप अपने चरम स्तर पर पहुंच गया है। एक बार फिर पिछले साल की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लेकिन इस महामारी का भय और कई तरह की अफवाह फैलाने में सोशल मीडिया की भी कहीं न कहीं बड़ी भूमिका है। जी हां, व्हाट्सएप पर एक मैसेज धड़ल्ले से वायरल हो रहा है जिसमें बताया गया है कि कैसे घरेलू उपाय से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाया जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि कपूर और अजवायन की पोटली को सूंघने से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है। लेकिन इस दावे में कितनी सच्चाई है? इससे पहले आपको बता देते हैं कि क्या मैसेज वायरल हो रहा है।
हर दो घंटे इसे शुरू करने से 24 घंटे के भीतर, ऑक्सीजन का स्तर 98-99 तक चला गया और हॉस्पिटल जाने की झंझट से बच गए। उनके एक दोस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्होंने यह प्रयोग उस पर भी किया जिसका अच्छा परिणाम मिला और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। यह जानकारी समाज के लिये बनाई गई है ताकि यह दूसरों के लिए उपयोगी हो।”
क्या है सच-
वेबदुनिया ने डॉ. प्रयागराज डाभी से सीधे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वायरल मैसेज गलत है। डॉ. डाभी ने कहा कि उनका नाम खराब करने के लिए यह मैसेज किसी और के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने एक मैसेज शेयर करते हुए वायरल हो रहे मैसेज पर स्पष्टीकरण भी दिया है।
नमस्कार, मैं डॉ. प्रयागराज डाभी, संजीवनी हेल्थकेयर, भावनगर, गुजरात से हूं। पिछले कई दिनों से कुछ लोग जो, हमसे जलने वाले व दुश्मनावट रखने वाले व आयुर्वेद को बदनाम करने के लिए व हमें कानूनन फंसाने के लिए हमारा नाम व नम्बर डालकर कोरोना को ठीक करने वाले व ऑक्सीजन बढ़ाने वाले फर्जी मैसेज हमारे नाम से लिखकर खूब वायरल कर रहे हैं और भोली जनता इस षडयंत्र को ना समझकर दूसरों से शेयर कर रही है तो हमारा आपसे अनुरोध है ऐसा मैसेज हमारे द्वारा नहीं लिखा जाता है और ना ही फैलाया जाता है। अगर आप इसको फोलो व शेयर करते हैं तो इसके जिम्मेदार आप खुद होंगे।”

