1994 : शिष्य के रूप में गुरु अवेद्यनाथ के कार्यों को आगे बढ़ाया
Chief Minister Yogi Adityanath: 15 फरवरी 1994 को महंत अवेद्यनाथ से दीक्षा लेने के बाद योगी आदित्यनाथ बने। उनका सांसारिक नाम अजय सिंह बिष्ट है। उनका जन्म 5 जून, 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ। मठ की सोच के मुताबिक उनका राम जन्मभूमि आंदोलन से भी गहरा जुड़ाव रहा। इसी आंदोलन से प्रेरित होकर उन्होंने घर त्यागकर सन्यास की राह चुनी। उन्होंने ऋषिकेश (उत्तराखंड) में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी (B.Sc.) की डिग्री हासिल की है।
गुरु के आशीर्वाद से योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना की। इसका मुख्य उद्देश्य पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता लाना और हिंदुत्व के विचारों को युवाओं तक पहुंचाना था। यह संगठन महंत अवेद्यनाथ के उस सपने को पूरा करने का माध्यम बना, जिसमें वे एक सशक्त और संगठित समाज चाहते थे। महंत अवेद्यनाथ ने 'सहभोज' (एक साथ भोजन) की परंपरा शुरू की थी ताकि दलितों और पिछड़ों को समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके। शिष्य के रूप में योगी आदित्यनाथ ने इस कार्य को बखूबी आगे बढ़ाया।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala