1998 : लगातार 5 बार सांसद रहे योगी आदित्यनाथ
Chief Minister Yogi Adityanath: गुरु अवेद्यनाथ के राजनीति से संन्यास के बाद योगी आदित्यनाथ 1998 में पहली बार जब गोरखपुर से 12वीं लोकसभा के लिए चुने गए। उस समय वे सबसे कम उम्र (26 साल) के सांसद थे। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर से लगातार 5 बार (1998, 1999, 2004, 2009 और 2014) जीत दर्ज की। वे मुख्यमंत्री बनने तक गोरखपुर से सांसद रहे। उनकी जीत का आंकड़ा हर बार बढ़ता ही गया। उनकी उपस्थिति अक्सर 77% से अधिक रही, जो कई बड़े नेताओं की तुलना में बहुत बेहतर थी।
जानकारी के मुताबिक उन्होंने संसद में जनता से जुड़े 300 से अधिक सवाल पूछे और 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण बहसों में हिस्सा लिया। उन्होंने कई 'प्राइवेट मेंबर बिल' पेश किए, जिनमें से 'धर्मांतरण निषेध' और 'गोवंश संरक्षण' जैसे विषय प्रमुख थे। गोरखपुर और आसपास के इलाकों में दिमागी बुखार से होने वाली सैकड़ों बच्चों की मौत के मुद्दे को योगी सड़क से लेकर संसद तक बार-बार उठाया। उन्होंने संसद में इस बीमारी के लिए विशेष पैकेज और रिसर्च सेंटर की मांग की, जिसके कारण अंततः सरकार को इस पर ध्यान देना पड़ा।
संसद में योगी बिना किसी संकोच के हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखते थे। सांसद रहते हुए भी वे हर सुबह गोरखपुर के मंदिर में 'जनता दरबार' (जनता दर्शन) लगाते थे। लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आते थे और वे तुरंत अधिकारियों को फोन कर समाधान सुनिश्चित करते थे। यह 'सुलभता' ही उनकी लगातार जीत का सबसे बड़ा कारण बनी। बंद पड़े गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट को दोबारा शुरू कराने के लिए उन्होंने संसद में लंबा संघर्ष किया। गोरखपुर रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण और क्षेत्र में एम्स जैसी सुविधाओं की मांग उनके संसदीय कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताएं थीं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala