UP: 15 जनवरी के बाद लग सकती है आचार संहिता, फरवरी-मार्च में हो सकते हैं यूपी विधानसभा चुनाव

अवनीश कुमार| Last Updated: गुरुवार, 2 दिसंबर 2021 (20:45 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेजी पर हैं। जहां सभी दल कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगे हुए हैं तो वहीं भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। माना जा रहा है कि 15 जनवरी 2022 के बाद उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग कभी भी आचार संहिता की घोषणा कर सकता है और चुनाव जनवरी-मार्च के बीच हो सकते हैं।
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उत्तरप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी देते हुए बताया कि जनवरी से मार्च के बीच निश्चित तौर पर चुनाव हो सकते हैं, क्योंकि इसका संकेत खुद राज्य के मुख्य सचिव राजेन्द्र तिवारी ने अपने 30 नवंबर को सभी जिलाधिकारियों को लिखे एक पत्र में दिए हैं। मुख्य सचिव राजेन्द्र तिवारी के 30 नवंबर के पत्र पर अगर नजर डालें तो उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए लिखा है कि 'जल जीवन मिशन' योजना भारत सरकार और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों मे से एक है। इसमें साल 2024 से पूर्व प्रदेश के हर ग्रामीण परिवार को नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति कराना लक्ष्य है। इस कार्य को जल निगम (ग्रामीण) नोडल के रूप में नामित है। जल निगम (ग्रामीण) के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा जल जीवन मिशन का कार्य किया जा रहा है।


पत्र में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव 2022 के माह जनवरी से मार्च के मध्य होना संभावित है। जल जीवन मिशन से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य मानसून से पहले पूर्ण कराया जाना लक्षित है। जिला स्तर पर चुनाव के लिए चिह्नित किए जाने वाले कार्मिकों की सूची में जल निगम (ग्रामीण) के कार्मिकों को भी शामिल किया जा रहा है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया में इन कार्मिकों के शामिल होने से जल जीवन मिशन के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े़गा। योजना का कार्य समय से पूरा नहीं हो सकेगा। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। अत: उपरोक्त वर्णित स्थिति में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए उप्र जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों/कर्मचारियों की ड्यूटी जनवरी 2022 से प्रारम्भ होने वाले विधानसभा चुनाव में यथासंभव न लगाए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का कष्ट करें।


वहीं चुनाव की तैयारियों को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बुधवार को राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करते हुए 15 जनवरी के बाद कभी भी आचार संहिता लगने के संकेत भी दे दिए हैं और चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों पर दावे-आपत्ति की समयावधि को 5 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। लेकिन आयोग द्वारा दावे और आपत्तियों के निस्तारण की पूर्व निर्धारित तिथि 20 दिसंबर तथा निर्वाचक नामावलियों के अंतिम प्रकाशन की तिथि 5 जनवरी 2022 में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।



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