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6 ओवर में सिर्फ 38 रन, पहले पॉवरप्ले में रक्षात्मक रवैए के कारण भारतीय ओपनर्स सवालों के घेरे में
एडीलेड: पूर्व क्रिकेटर शेन वाटसन और नासिर हुसैन ने गुरुवार को यहां टी20 विश्व कप से भारत के शर्मनाक तरीके से बाहर होने के बाद टीम के डरपोक बल्लेबाजी रवैये की आलोचना की।
एलेक्स हेल्स और जोस बटलर के नाबाद अर्धशतक और दोनों के बीच पहले विकेट की अटूट शतकीय साझेदारी से इंग्लैंड ने दूसरे सेमीफाइनल में भारत को 10 विकेट से हरा दिया।
भारत ने ग्रुप चरण की तरह सेमीफाइनल में भी काफी धीमी बल्लेबाजी की और टीम शुरुआती छह ओवर में केवल 38 रन की बना सकी। इंग्लैंड का दृष्टिकोण इसके विपरीत था क्योंकि उन्होंने छह ओवर में 63 रन बनाए।
टी20 विश्व कप से पहले भारत ने अधिक आक्रामक बल्लेबाजी रवैया अपनाया था लेकिन रोहित शर्मा और लोकेश राहुल जैसे खिलाड़ी बड़े मंच पर उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाए।दरअसल पूरे टूर्नामेंट में ही भारत इस समस्या से जूझा। पाकिस्तान के खिलाफ 30, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 35 वहीं बांग्लादेश जैसी टीम के खिलाफ भी भारत 36 रन और जिम्बाब्वे के खिलाफ 46 रन बना पाया था।
भारतीय टीम इंग्लैंड को कोई टक्कर नहीं दे सकी। एक साल पूर्व पिछले टूर्नामेंट में तो भारतीय टीम नॉकआउट में जगह भी नहीं बना पाई थी।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर वाटसन ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, भारत ने बल्ले से काफी डरपोक रवैया अपनाया। दुर्भाग्य से रोहित और राहुल शुरुआती छह ओवर में गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख नहीं अपना पाए। उनके पास बड़े शॉट खेलने की क्षमता है लेकिन आपको टी20 क्रिकेट में आक्रामक रुख अपनाना होता है।
उन्होंने कहा, हार्दिक आक्रामक रुख अपनाने में सफल रहे लेकिन भारत को छह से आठ ओवर पहले आक्रामक होना चाहिए था।जैसे ही इंग्लैंड के कप्तान बटलर ने विजयी छक्का लगाया, नासिर हुसैन ने कमेंटरी करते हुए टिप्पणी की, भारत शुरुआत से ही डरा हुए था और इंग्लैंड ने उन्हें रौंद दिया।
भारत के पूर्व चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने भी मुकाबले का ईमानदारी से मूल्यांकन किया।कोहली और सूर्या के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरनदीप ने पीटीआई से कहा, दुर्भाग्य से भारत के लिए राहुल और रोहित बड़े मैचों में फॉर्म नहीं पा सके जिससे विराट और सूर्यकुमार पर दबाव बन गया। ये दोनों हालांकि प्रत्येक मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, टीम की सबसे बड़ी गलतियों में से एक थी युजवेंद्र चहल को पूरे टूर्नामेंट में नहीं खेलना, विशेषकर आज। आपने देखा कि इंग्लैंड के कलाई के स्पिनर कितने प्रभावी थे। लीग चरण में ऋषभ पंत को नहीं खिलाने(उन्होंने केवल एक मैच खेला) से भी मैं निराश हूं।
सरनदीप ने कहा कि अमेरिका महाद्वीप में 2024 टी20 विश्व कप के लिए भारत की योजना के तहत कुछ कड़े फैसले करने होंगे।इस पूर्व भारतीय स्पिनर ने कहा, मुझे नहीं लगता कि रोहित, विराट, अश्विन, शमी और भुवी सहित टीम के कम से कम आधे सदस्य अगले टी20 विश्व कप में खेल रहे हैं। चयनकर्ताओं को इस पर फैसला लेने की जरूरत है।
वाटसन भी भारत के चहल को नहीं खिलाने के फैसले से हैरान थे जबकि आदिल राशिद और लियाम लिविंगस्टोन को एडीलेड की पिच से काफी मदद मिली।
वाटसन ने कहा, भारत के पास कलाई का स्पिनर नहीं था और इंग्लैंड के दो स्पिनर थे। वे निश्चित रूप से चहल को लेकर चूक कर गए। वह अपनी गति को नियंत्रित कर सकता है जैसे राशिद ने आज रात किया। उसके पास अविश्वसनीय कौशल है और आज रात वह शानदार होता।
एलेक्स हेल्स और जोस बटलर के नाबाद अर्धशतक और दोनों के बीच पहले विकेट की अटूट शतकीय साझेदारी से इंग्लैंड ने दूसरे सेमीफाइनल में भारत को 10 विकेट से हरा दिया।
भारत ने ग्रुप चरण की तरह सेमीफाइनल में भी काफी धीमी बल्लेबाजी की और टीम शुरुआती छह ओवर में केवल 38 रन की बना सकी। इंग्लैंड का दृष्टिकोण इसके विपरीत था क्योंकि उन्होंने छह ओवर में 63 रन बनाए।
भारतीय टीम इंग्लैंड को कोई टक्कर नहीं दे सकी। एक साल पूर्व पिछले टूर्नामेंट में तो भारतीय टीम नॉकआउट में जगह भी नहीं बना पाई थी।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर वाटसन ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, भारत ने बल्ले से काफी डरपोक रवैया अपनाया। दुर्भाग्य से रोहित और राहुल शुरुआती छह ओवर में गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख नहीं अपना पाए। उनके पास बड़े शॉट खेलने की क्षमता है लेकिन आपको टी20 क्रिकेट में आक्रामक रुख अपनाना होता है।
उन्होंने कहा, हार्दिक आक्रामक रुख अपनाने में सफल रहे लेकिन भारत को छह से आठ ओवर पहले आक्रामक होना चाहिए था।जैसे ही इंग्लैंड के कप्तान बटलर ने विजयी छक्का लगाया, नासिर हुसैन ने कमेंटरी करते हुए टिप्पणी की, भारत शुरुआत से ही डरा हुए था और इंग्लैंड ने उन्हें रौंद दिया।
भारत के पूर्व चयनकर्ता सरनदीप सिंह ने भी मुकाबले का ईमानदारी से मूल्यांकन किया।कोहली और सूर्या के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरनदीप ने पीटीआई से कहा, दुर्भाग्य से भारत के लिए राहुल और रोहित बड़े मैचों में फॉर्म नहीं पा सके जिससे विराट और सूर्यकुमार पर दबाव बन गया। ये दोनों हालांकि प्रत्येक मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा, टीम की सबसे बड़ी गलतियों में से एक थी युजवेंद्र चहल को पूरे टूर्नामेंट में नहीं खेलना, विशेषकर आज। आपने देखा कि इंग्लैंड के कलाई के स्पिनर कितने प्रभावी थे। लीग चरण में ऋषभ पंत को नहीं खिलाने(उन्होंने केवल एक मैच खेला) से भी मैं निराश हूं।
वाटसन भी भारत के चहल को नहीं खिलाने के फैसले से हैरान थे जबकि आदिल राशिद और लियाम लिविंगस्टोन को एडीलेड की पिच से काफी मदद मिली।
वाटसन ने कहा, भारत के पास कलाई का स्पिनर नहीं था और इंग्लैंड के दो स्पिनर थे। वे निश्चित रूप से चहल को लेकर चूक कर गए। वह अपनी गति को नियंत्रित कर सकता है जैसे राशिद ने आज रात किया। उसके पास अविश्वसनीय कौशल है और आज रात वह शानदार होता।
