ऑस्ट्रेलिया और हॉलैंड के बीच काँटे की टक्कर

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 10 मार्च 2010 (18:20 IST)
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खिताब के प्रबल दावेदारों में शुमार ऑस्ट्रेलिया और की टीमें गुरुवार को 12वें हीरो होंडा विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाने के लिए भिड़ेंगी तो काँटे के इस मुकाबले में दर्शकों को रोमांच की पूरी गारंटी रहेगी।


पिछले दो बार से फाइनल में हारी ऑस्ट्रेलिया और हॉलैंड दोनों के बीच तेज रफ्तार हॉकी का मुकाबला होगा। ऑस्ट्रेलिया के पास कप्तान जैमी ड्वायेर, ग्लेन टर्नर, ल्यूक डोरनर और डेसमंड एबोट जैसे शानदार फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर हैं तो हॉलैंड के पास 417 मैच खेल चुके कप्तान टोयेन डे नोयेर का अनुभव, चट्टान की तरह अडिग गोलकीपर गुस वोगेल्स और चैम्पियन ड्रैग फ्लिकर ताइके ताकेमा हैं।
विश्व कप में सर्वाधिक गोल दागने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर काबिज ताकेमा ने अर्जेंटीना के खिलाफ पहले ही मैच में हैट्रिक बनाई थी। उसके बाद से हालाँकि उन्हें ज्यादा कुछ करने का मौका नहीं मिला लेकिन सेमीफाइनल में वह इस मलाल को धोना चाहेंगे।

ताकेमा ने कहा कि पहले मैच के बाद हमें ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिले। कोरिया के खिलाफ आखिरी पूल मैच में आखिरी मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को तब्दील नहीं किया जा सका लेकिन सेमीफाइनल में हम कोशिश करेंगे कि अधिक प्रभावी प्रदर्शन कर सकें।


उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम बहुत दमदार है लेकिन हमारी तैयारी भी पुख्ता है। यह मुकाबला बराबरी का होगा, जिसमें मानसिक तैयारी भी पूरी करनी होगी। हॉलैंड की टीम 1998 के बाद से फाइनल में नहीं पहुंची है। अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे नोयेर, वोगेल्स और ताकेमा इस मलाल को धोकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहना चाहते हैं।
दूसरी ओर धुरंधर कोच रिक चार्ल्सवर्थ की ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले मैच में इंग्लैंड से मिली अप्रत्याशित हार के बाद तुरंत संभलते हुए लगातार चार जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में जगह बनाई। उसने दक्षिण अफ्रीका को 12-0 से हराकर गोलों के अंतर से हिसाब से विश्व कप की सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की।

चार्ल्सवर्थ ने कहा कि हॉलैंड को हराना उतना आसान नहीं लिहाजा यह टूर्नामेंट की सबसे कठिन चुनौतियों में से है। हमें खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा । हॉलैंडके लिए खास रणनीति बनाकर उतरेंगे। (भाषा)


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