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पोप शेनोडा तृतीय का निधन
मिस्र के कोप्टिक ऑर्थोडॉक्स चर्च के पिछले चार दशकों से पोप रहे पोप शेनोडा तृतीय का 88 वर्ष की आयु में काहिरा में 17 मार्च को निधन हो गया। वे लिवर और फेंफड़ों की बीमारियों से कई वर्षों से जूझ रहे थे। पोप शेनोडा ने अपने कार्यकाल के दौरान ईसाइयों और मुस्लिमों के बीच शांति बनाए रखने में बहुत मदद की तथा अपने धर्म को सारी दुनिया में फैलाया। उनके निधन के बाद मिस्र के एक करोड़ कोप्टिक ईसाइयों में और अधिक भय पैदा हो गया है। पिछले वर्ष फरवरी में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के सत्ता से हटने के बाद कट्टरपंथी मुस्लिमों के इन ईसाइयों पर हमले बढ़ गए हैं। काहिरा की मेना न्यूज एजेंसी का कहना है कि शनिवार को पोप की तबियत बहुत खराब हो गई थी क्योंकि इससे पहले उन्हें 'बहुत तेज दिल का दौरा' पड़ा था।चर्च सूत्रों ने बताया कि पोप के जीवन के अंतिम दिन बहुत कठिनाइयों से भरे थे क्योंकि वे चल फिर भी नहीं पाते थे। शहर के मुख्य कोप्टिक चर्च पर हजारों की संख्या में ईसाई उनके अंतिम दर्शन के लिए जमा हो गए। चर्च ने एक बयान जारी कर कहा है कि उनके शीर्षस्थ धर्मगुरु का अंतिम संस्कार तभी किया जाएगा जब समूचे मिस्र और विदेशों के कोप्टिक चर्चों के पादरी वहां पहुंच जाएंगे। कोप्ट्स दुनिया का सबसे पुराना ईसाई समुदाय है और पोप को यहाँ मुस्लिम बहुल मिस्र में समुदाय का संरक्षक माना जाता है। नया पोप चुनने के लिए सारी दुनिया से करीब दो हजार कोप्टिक पादरी और सार्वजनिक नेता एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन करेंगे। मिस्र की सत्तारूढ़ सैन्य परिषद और अल-अजहर मस्जिद के सबसे बड़े मुफ्ती ने पोप के निधन पर शोक जाहिर किया है।