भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन करीब आ गया है। इसकी तैयारी के लिए बाजार सजने लगे हैं। यह तैयारी अभी से इसलिए ताकि, दूर शहर-गाँव रह रही बहने अपने भाई के पास समय पर राखी पहुँचा सके। हर बार की तरह राखी के बाजार में इस बार भी है बहुत कुछ नई, मन लुभाने वाली डिजाइनदार राखियाँ सज गई हैं। बच्चों और बड़ों के हिसाब से तरह-तरह की रंग-बिरंगी राखियाँ हर किसी का मन मोह लेती है।
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राखी का दिन अब ज्यादा दूर नहीं है और अपने भाइयों से दूर रह रहीं बहनों के लिए यह उपयुक्त समय है राखी खरीदने व भेजने का। नन्ही परियों की भी यह इच्छा हो रही है कि वे अपने भाइयों को डिजाइनर राखी बाँधें, वहीं इन राखियों को देखकर भाइयों को भी लग रहा है कि राखी के दिन यही राखी उनके हाथों की शोभा बढ़ाए। आप जब भी बाजार जाए तो देखे बच्चों के लिए कई तरह-तरह की राखियाँ जैसे- क्रिकेट खेलते बजरंगबली, गिटार बजाते श्रीगणेश, मिकी माऊस, स्पाइडर मैन, कार्टून कैरेक्टर, बॉडी बिल्डर के साथ-साथ गाँधीगिरी करने वाले मुन्ना और सर्किट के रंग-रूप वाली सजी-धजी राखियाँ भी बाजार में आ गई हैं।
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बच्चों की म्यूजिक-लाइट वाली इलेक्ट्रॉनिक राखी, हैरी पॉटर वाली, गाँधीगिरी और गणेश जी वाली राखियों के साथ ही बड़ों के लिए सूती धागे पर जड़े रंगीन पत्थरों वाली राखी, जरी-जरदोजी, रेशम के धागे वाली, कुंदन वाली, राखियाँ पाँच रुपए से लेकर सौ, डेढ़ सौ रुपए तक की राखियों से बाजार सज गए हैं।
तीज के बाद आने वाले रक्षाबंधन त्योहार के लिए भी बाजार पूरी तरह तैयार है। यही वजह है कि बाजार में भी इन त्योहारों की जमकर रौनक है और साथ ही साथ, बरसात के इस मौसम में त्योहारों की शुरुआत होने से लोगों में भी खासा उत्साह दिखाई देता है। कई इलाकों में लड़कियाँ विवाह के बाद पहली तीज अपने मायके में ही मनाती हैं। बेशक भागदौड़ भरी जिंदगी में अब भाई 2-4 घंटों में ही इस रस्म को निभाकर अपने घर लौट आते हैं लेकिन त्योहार के दिन का जोश आज भी वही है जो पहले हुआ करता था।
लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
Writing in Hindi on various topics, including life style, religion, and astrology.... और पढ़ें