0

29 जुलाई: 1980 हो या 2021 यह दिन तो है भारतीय हॉकी का, गोल्ड जीता और मात दी गत विजेता को

गुरुवार,जुलाई 29, 2021
0
1
भारत और पाकिस्तान के बीच खेल के मैदान पर यूं तो हर मुकाबला तनावपूर्ण होता है लेकिन बात ओलंपिक की हो और दाव पर स्वर्ण पदक हो तो तनाव का आलम की कुछ और रहा होगा।
1
2
1980 में मॉस्को, सोवियत संघ में ओलंपिक का आयोजन किया गया था। यह वही ओलंपिक था जिसमें भारतीय हॉकी टीम ने आखिरी बार स्वर्ण पदक जीता था। 1980 के बाद कहने को तो कितने ही ओलंपिक खेले गए लेकिन एक बार भी हॉकी टीम गोल्ड मेडल जीतने में सफल न हो सकी।
2
3
वर्ष 1980 के मास्को ओलिम्पिक में हॉकी का स्वर्ण जीतने के बाद भारत अगले तीन ओलिम्पिक 1984 लॉस एंजेलिस, 1988 सोल और 1992 बार्सीलोना में खाली हाथ रहा था।
3
4
उस वक्त जब जब भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करती थी तो बमुश्किल 1 या 2 मैच जीत पाती थी। कुछ ऐसा ही सूरत ए हाल सिडनी ओलंपिक में भी रहा। हालांकि15 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर तक चले इन ओलंपिक खेलों में भारत का खाता चौथे दिन ही खुल गया था।
4
4
5
युद्ध का मैदान हो या खेल का मैदान, एक फौजी अपने देश के लिए जी जान लगा देता है। एथेंस ओलंपिक में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला ओलंपिक शुरु होने के महज 4 दिन बाद ही कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भारत का खाता खुलवा दिया।
5
6
भारत ने 108 वर्षों के अपने ओलम्पिक इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और दो काँस्य सहित कुल तीन पदक जीतकर बीजिंग ओलम्पिक में अपने अभियान का समापन कर दिया।
6
7
क्रिकेट विश्वकप 2011 में भारत फाइनल जीता और इसके एक साल बाद हुए लंदन ओलंपिक ने भारत को एहसास दिलाया कि हम क्रिकेट ही नहीं बाकी खेलों में भी काफी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
7
8
रियो में खेले गए पिछली बार के ओलंपिक की बात करें तो भारत काफी समय तक पदक को तरसता रहा। लेकिन फिर भारत की दो बेटियों ने बीड़ा उठाया।
8
8
9
ओलिम्पिक में भारत की झोली में पहला पदक किसी भारतीय ने नहीं बल्कि एक अंग्रेज नार्मन प्रिचार्ड ने डाला था और यह विडंबना ही है कि कामयाबी की बुलंदी पर पहुंचने के बाद उनका नाम गुमनामी के अंधेरों में कहीं खो गया।
9
10
ओलि‍म्‍पिक इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का मौका उनके सामने था, लेकिन भारत के महान खिलाड़‍ियों में शुमार 'उड़न सिख' मिल्खासिंह और, 'उड़न परी' पीटी उषा बेहद मामूली अतंर से यह मौका चूक गए थे।
10
11
प्राचीन ओलिम्पिक खेलों में महिलाओं का भाग लेना तो क्या दर्शक दीर्घा में बैठने पर मौत की सजा हो जाती थी जिससे आधुनिक ओलिम्पिक के जनक बैरोन पियरे डि कूबेर्टन भी कुछ हद तक प्रभावित थे क्योंकि वह खेलों में महिलाओं के भाग लेने के विचार से सहमत नहीं थे।
11
12
अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति (आईओसी) ने क्रिकेट को भले ही 2007 में मान्यता दी, लेकिन इससे 107 साल पहले भद्रजनों का खेल (Gentlemen's game) ओलिम्पिक खेलों का हिस्सा बन गया था।
12
13
आयरलैंड के एरन द्वीप से दक्षिण बोस्टन में आकर बसे एक आयरिश माता-पिता की 12 संतानों में से एक जेम्स ब्रैंडन कोनोली को ओलिम्पिक खेलों का पहला चैम्पियन माना जाता है।
13
14
'राष्ट्रपति क्लिंटन की ओर मत देखना।' 1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह से ठीक पहले राएद अहमद को यही निर्देश मिले थे। इराक़ के गठीले वेटलिफ्टर राएद अहमद को कहा गया कि अमेरिका और क्लिंटन दोनों इराक़ को तबाह करना चाहते हैं लिहाज़ा उन्हें ...
14
15
तीरंदाजी को ओलंपिक खेलों में वापसी के लिये 52 साल का इंतजार करना पड़ा था। भारत भी पिछले 33 वर्षों से इस खेल में अपनी किस्मत आजमा रहा है लेकिन विश्व कप में चमक बिखेरने वाले उसके कई धनुर्धर खेलों के महासमर में कभी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।
15
16
आज अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक डे है। हर साल 23 जून को इंटरनतिओनल ओलंपिक डे मनाया जाता है। आपको बता दें कि आज ही के दिन 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना हुई थी। आज का यह दिन खेल और फिटनेस को समर्पित किया जाता है।
16