Jharkhand कैश कांड को लेकर कांग्रेस का बड़ा आरोप, विधायकों को दिया था 10 करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर

पुनः संशोधित रविवार, 31 जुलाई 2022 (21:08 IST)
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रांची। झारखंड ने रविवार को यहां लगाया कि प्रदेश में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन की सरकार को गिराने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी विधायकों को 10 करोड़ रुपए नकद एवं आगे बनने वाली भाजपा सरकार में मंत्रिपद का लालच दिया था।गौरतलब है कि पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष इरफान अंसारी समेत 3 कांग्रेस विधायकों को ग्रामीण हावड़ा की पुलिस ने लाखों रुपए की नकदी के साथ शनिवार शाम हिरासत में लिया था।

दल के नेता एवं झारखंड के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने आज यह आरोप लगाते हुए कहा कि इस कृत्य में शामिल होने के चलते शनिवार को हावड़ा में कांग्रेस के तीनों विधायकों के खिलाफ यहां प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
आलम ने कहा, भाजपा कांग्रेस के विधायकों को दस करोड़ रुपए नकद एवं भविष्य में बनने वाली भाजपा सरकार में मंत्रिपद का लालच देकर तोड़ने का प्रयास कर रही है जिससे यहां हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही राज्य सरकार को गिराया जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बेरमो विधायक जयमंगल सिंह ने हावड़ा में भारी नकदी के साथ गिरफ्तार तीन कांग्रेस विधायकों के खिलाफ दस करोड़ रुपए नकदी देने और आगे बनने वाली सरकार में मंत्रिपद का लालच देकर राज्य सरकार को गिरवाने की कोशिश करने का षड्यंत्र रचने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एक सवाल के जवाब में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा, सभी गैर भाजपा शासित प्रदेशों में यही काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही काम भाजपा ने महाराष्ट्र में करके और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का भय दिखाकर वहां की सरकार को सत्ता से हटा दिया और अपनी सरकार गठित करवाई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के इस कुचक्र का पर्दाफाश करेगी और उसकी साजिश यहां सफल नहीं होने देगी।
ज्ञातव्य है कि के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष इरफान अंसारी समेत तीन कांग्रेस विधायकों को ग्रामीण हावड़ा की पुलिस ने लाखों रुपए की नकदी के साथ शनिवार शाम हिरासत में लिया था और अपने पास बरामद नकदी का हिसाब न दे सकने पर रविवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरी ओर नई दिल्ली में पार्टी के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इन तीनों विधायकों को उनके कृत्य के लिए तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

इस घटना को भी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बंधू तिर्की ने शनिवार को भाजपा की साजिश बताते हुए इसे राज्य की हेमंत सरकार को गिराने की साजिश का हिस्सा बताया था।
मांडर से पूर्व विधायक बंधू तिर्की ने शनिवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा था कि जिस तरह राज्य के तीन कांग्रेस विधायकों को हावड़ा में करोड़ों रुपए की नकदी के साथ हिरासत में लिया गया है उसके पीछे भाजपा की साजिश है जो राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार को किसी भी प्रकार से सत्ताच्युत करने में जुटी हुई है।

इस बीच निर्दलीय विधायक तथा भाजपा सरकार में मंत्री रहे सरयू राय ने ट्वीट कर कहा, कांग्रेस के झारखंड प्रदेश और अखिल भारतीय कांग्रेस के पदाधिकारियों को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उनके विधायक पैसे की थैली लेकर झारखंड आ रहे थे या झारखंड से जा रहे थे? पैसे का स्रोत स्थल कहां है- असम, बंगाल या झारखंड? राय ने एक अन्य ट्वीट में कहा, आयकर विभाग और ईडी को झारखंड के तीन विधायकों से बंगाल में बरामद 500 रुपए के नोट के बंडलों के स्रोत की जांच करनी चाहिए। जांच केवल बंगाल सरकार के ऊपर छोड़ना तर्कसंगत नहीं होगा। झारखंड की राजनीति में और राजनीतिज्ञों में पल रहे भ्रष्टाचार के कैंसर का ऑपरेशन ज़रूरी है। इस मामले में झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि जामताड़ा विधायक की गाड़ी से जो रुपया बरामद हुए है वह किसका था और कहां से उनके पास आया। उन्होंने कहा कि यह तीनों विधायक किस उद्देश्य से और कहां इतने रुपए लेकर जा रहे थे, इस सब की गहराई से जांच की जानी चाहिए। रांची से भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा कि पुलिस को इस मामले की जांच कर इसके तह तक जाना चाहिए, जिससे पता चल सके कि रुपया कहां से आया था और कहां ले जाया जा रहा था।(भाषा)



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