करात और येचुरी से मिले प्रणव

नई दिल्ली (वार्ता)| वार्ता|
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विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी ने माकपा महासचिव प्रकाश करात और पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी से परमाणु समझौते पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के अधिकारियों से बातचीत की अनुमति माँगी, लेकिन वाम नेताओं ने एक बार फिर इससे साफ इनकार कर दिया।


आईएईए के प्रमुख मोहम्मद अल बरदेई की भारत यात्रा शुरू होने के साथ ही परमाणु समझौते को लेकर केंद्र की संप्रग सरकार और उसके घटक दलों के बीच राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं और गठबंधन टूटने के आसार प्रबल हो गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि मुखर्जी ने अपने कार्यालय में करात और येचुरी से मुलाकात कर परमाणु समझौते पर बरदेई से बातचीत की अनुमति माँगी, लेकिन दोनों नेताओं ने इस पर अपनी मुहर लगाने से इनकार कर दिया। इससे पहले पांच अक्टूबर को संप्रग.वाम समिति की बैठक में भी श्री मुखर्जी ने ऐसी ही अनुमति मांगी थी 1

सूत्रों के अनुसार विदेश मंत्री ने दोनों नेताओं से कहा कि वे फिलहाल आईएईए से अनौपचारिक बातचीत की अनुमति दें. लेकिन इस मुद्दे पर अंतिम बातचीत वाम दलों की शिकायतें सुनने के बाद ही की जाएगी. लेकिन वाम नेताओं ने साफ मना कर दिया1


परमाणु समझौते के मुद्दे पर संप्रग और वाम दलों की 15 सदस्यीय समिति की चौथी बैठक कल होनी है और सूत्रों का मानना है कि श्री मुखर्जी ने श्री अल बरदेई की यात्रा के मद्देनजर ही वाम नेताओं से मुलाकात की। हालाँकि वाम दलों के नकारात्मक जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि मंगलवार 11 बजे शुरू होने वाली बैठक गठबंधन की दृष्टि से निर्णायक साबित हो सकती है।
हालाँकि दोनों नेताओं ने मुखर्जी से हुई बातचीत के बारे में कोई सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि आईएईए से बातचीत की अनुमति को लेकर विदेशमंत्री ने रविवार को माकपा के वयोवृद्ध नेता ज्योति बसु, बिमान बोस और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य से भी मुलाकात की थी।



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