भारत ने पहले टी-20 मैच में वेस्टइंडीज को 4 विकेट से हराया

Last Updated: शनिवार, 3 अगस्त 2019 (23:36 IST)
लौडरहिल। अपना पदार्पण मैच खेल रहे तेज गेंदबाज नवदीप सैनी (17 रन पर 3 विकेट) की घातक गेंदबाजी और अन्य गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन से ने वेस्टइंडीज को पहले ट्‍वेंटी-20 मुकाबले में शनिवार को 4 विकेट से हराकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
भारत ने विंडीज को 20 ओवर में 9 विकेट पर 95 रन पर रोका लेकिन उसे जीत हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ गया। भारत को चार विकेट से जीत मिली। भारत ने 17.2 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 98 रन बनाए। उपकप्तान रोहित शर्मा ने सर्वाधिक 24, कप्तान विराट कोहली ने 19 और मनीष पांडेय ने 19 रन बनाए। क्रुणाल पांड्या उपयोगी 12 रन बनकर आउट हुए। रवींद्र जडेजा ने नाबाद 10 रन बनाए। वाशिंगटन सुंदर ने विजयी छक्का मारा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने शुरुआती लड़खड़ाहट दिखाई लेकिन फिर कप्तान विराट कोहली और मनीष पांडेय ने चौथे विकेट के लिए 32 रन की उपयोगी साझेदारी की। भारत फिर एक बार लड़खड़ाया और उसने 5 रन के अंतराल में पांडेय और विराट की विकेट गंवा दिए।

इसके बाद दो लेफ्ट आर्म स्पिनरों पांड्या और जडेजा ने टिककर खेलते हुए छठे विकेट के लिए 19 रन की साझेदारी की और भारत को जीत की मंजिल के करीब पहुंचाया। लक्ष्य बड़ा नहीं था इसलिए भारतीय खेमा चिंता में नहीं पड़ा। जडेजा ने नाबाद 10 रन बनाए और भारत ने चार विकेट से मैच जीत लिया।
विश्व कप के शुरुआत चरण में चोटिल होकर बाहर हो जाने वाले ओपनर शिखर धवन की वापसी अच्छी नहीं रही और वे मात्र 1 रन बनाकर आउट हो गए। शिखर को शेल्डन कॉट्रेल ने पगबाधा किया। उपकप्तान रोहित शर्मा ने तेजी से 25 गेंदों में 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 24 रन बनाए लेकिन स्पिनर सुनील नारायण ने उन्हें कीरोन पोलार्ड के हाथों कैच करा दिया। पहली पसंद विकेटकीपर के रूप में ऋषभ पंत की शुरुआत अच्छी नहीं और वे नारायण की अगली गेंद पर कॉट्रेल को कैच थमा बैठे।
भारत का तीसरा विकेट 32 के स्कोर पर गिरा। पंत का खाता नहीं खुला। विराट और पांडेय ने चौथे विकेट के लिए 32 रन की साझेदारी की। कीमो पॉल ने पांडेय को बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा। पांडेय ने 14 गेंदों पर 19 रन में दो चौके लगाए।

पांडेय का विकेट 64 के स्कोर पर गिरा और इसके 5 रन बाद भारत को एक बड़ा झटका लग गया जब विराट को कॉट्रेल ने आउट कर दिया। विराट ने संघर्ष करते हुए 29 गेंदों पर मात्र एक चौके की मदद से 19 रन बनाए। पांड्या ने जडेजा के साथ छठे विकेट के लिए 19 रन जोड़े। पांड्या को कीमो पॉल ने बोल्ड किया।
पांड्या ने 14 गेंदों पर एक चौके के सहारे 12 रन बनाए। जडेजा 10 रन पर नाबाद रहे जबकि विजयी छक्का मारने वाले सुंदर 8 रन पर नाबाद रहे। विंडीज की तरफ से कॉट्रेल, नारायण और पॉल ने 2-2 विकेट लिए।

इससे पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने इस फैसले को सही साबित करते हुए विंडीज को पहले ओवर से ही झकझोर दिया।
विराट का पहला ओवर ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर से फिंकवाने का फैसला सटीक रहा और सुंदर ने दूसरी गेंद पर ही जान कैम्पबेल को आउट कर दिया जबकि भुवनेश्वर कुमार ने दूसरे ओवर में एविन लुइस को पैवेलियन की राह दिखा दी। विंडीज के दोनों ओपनर अपना खाता नहीं खोल पाए।

अपना पदार्पण अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे सैनी ने 5वें ओवर में लगातार गेंदों पर निकोलस पूरन और शिमरॉन हेत्माएर के विकेट लेकर विंडीज को बैकफुट पर धकेल दिया। पूरन ने 16 गेंदों पर 20 रन में 1 चौका और 2 छक्के लगाए जबकि हेत्माएर का खाता नहीं खुला।
ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड एक छोर पर जमे रहकर स्कोर को आगे बढ़ाते रहे जबकि दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद ने रोवमैन पॉवेल (4) को, लेफ्ट आर्म स्पिनर क्रुणाल पांड्या ने कप्तान कार्लोस ब्रैथवेट (9) को और लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा ने सुनील नारायण (2) को पैवेलियन भेजा। भुवनेश्वर ने कीमो पॉल (3) का शिकार किया।

सैनी ने आखिरी ओवर में पोलार्ड को पगबाधा कर उन्हें अर्द्धशतक से वंचित कर दिया। पोलार्ड ने 49 गेंदों में 2 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 49 रन बनाए। सैनी को यह विकेट रेफरल पर मिला। सैनी ने यादगार पदार्पण करते हुए 4 ओवर में मात्र 17 रन देकर 3 विकेट झटके जबकि भुवनेश्वर ने 19 रन पर 2 विकेट लिए। सुन्दर, जडेजा, खलील और पांड्या को 1-1 विकेट मिला।

 

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