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विराट कोहली ने चुकाया धोनी का तीन साल पुराना कर्ज

Virat Kohli
किंग्स्टन। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचना झेल रहे पूर्व कप्तान महेंद्रसिंह धोनी का बचाव करते हुए धोनी का तीन साल पुराना कर्ज उतार दिया है। विराट ने धोनी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मुझे लगता है कि हम एकाध मैच के बाद धैर्य खो बैठते हैं। ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है। कोई भी बल्लेबाज संघर्ष कर सकता है और कोई भी बल्लेबाज क्रीज़ पर अटक सकता है।
 
भारत के पांचवां वनडे जीतने और सीरीज 3-1 से अपने नाम करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में धोनी का बचाव करते हुए विराट ने कहा कि वह उन्हें लेकर कतई चिंतित नहीं हैं। विराट ने धोनी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मुझे लगता है कि हम एकाध मैच के बाद धैर्य खो बैठते हैं। ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है। कोई भी बल्लेबाज संघर्ष कर सकता है और कोई भी बल्लेबाज क्रीज़ पर अटक सकता है और स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पाता है।
 
गौरतलब है कि धोनी ने चौथे वनडे में बेहद धीमा अर्धशतक बनाया था और उनके लगभग 50 ओवर तक क्रीज़ पर रहने के बावजूद भारत 190 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया था। धोनी ने आश्चर्यजनक रूप से 114 गेंदों पर 54 रन की पारी खेली थी, जबकि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाते हैं।
 
इस मैच के बाद धोनी की धीमी पारी की काफी आलोचना हुई और भी कहा जाने लगा कि वह अब मैच को फिनिश करने में चूकने लगे हैं, लेकिन कप्तान विराट ने धोनी का बचाव कर जैसे एक पुराना कर्जा उतार दिया है।

बात भारत के 2014 के इंग्लैंड दौरे की है जब विराट बल्ले से लगातार फ्लॉप हो रहे थे। टेस्ट सीरीज में विराट के बल्ले से 1,8, 25, 0, 39, 28, 0, 7, 6 और 20 तथा वनडे सीरीज में 0,40, नाबाद 1 और 13 रन के स्कोर निकले थे।
               
तब विराट आलोचना के घेरे में आ गए लेकिन तब कप्तान धोनी ने लगातार उनका बचाव करते हुए कहा था कि विराट को सिर्फ एक अच्छी पारी की जरूरत है। यदि उस समय कोई और बल्लेबाज होता तो कब का टीम से बाहर कर दिया गया होता लेकिन धोनी बराबर विराट के साथ खड़े रहे। इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद विराट ने धर्मशाला में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में शतक ठोका और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।      
             
विराट ने कहा, यदि आप अपनी टॉप फॉर्म में भी होते हैं तब भी यह आपके साथ हो सकता है। इसलिए मुझे लगता है कि यह कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है। आप उनकी आसपास की पारियों को देखें तो वह गेंद पर अच्छे तरीके से प्रहार कर रहे हैं और उनका स्ट्राइक रेट 100 के आसपास है। इसलिए यह कोई मुद्दे जैसी बात नहीं है।
 
कप्तान ने कहा, यह सिर्फ पिछला मैच ही था जहां वह स्ट्राइक रोटेट नहीं कर सके। उससे पहले उन्होंने शानदार 70 या 80 रन बनाए थे। चैंपियंस ट्रॉफी में भी उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ शानदार पारी खेली थी। वे अब भी 100 का स्ट्राइक रेट रखते हैं। बेहतरीन फॉर्म में हैं। विराट ने कहा, उनका गेम बेहतरीन है। वे खूबसूरती के साथ गेंद को खेलते हैं। उन्हें यह बताने की जरूरत नहीं है कि कैसे खेलना और कैसे पारी को आगे बढ़ाना है। 
           
धोनी के नेट्स पर भी अपने फॉर्म में नहीं नजर आने के सवाल पर कप्तान ने कहा, आपको पहले यह जान लेना चाहिए कि हम किस तरह की विकेट पर अभ्यास कर रहे हैं। पिछले दिनों मैंने भी प्रैक्टिस के दौरान ऐसी ही विकेट पर स्पिनर्स को मारने की कोशिश की और मैं नाकाम रहा। इसका कारण था कि विकेट उस लायक ही नहीं थी। ऐसे में आप किसी का उसकी नेट प्रैक्टिस से आकलन नहीं कर सकते कि वह अच्छा खेल रहा है या बुरा। (वार्ता)
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