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Last Updated: सोमवार, 24 नवंबर 2014 (12:27 IST)

धोनी की कप्तानी छिनी!

भारतीर टीम के कैप्टन कूल की स्किपर कैप अब खतरे में नजर आ रही है। बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार हो सकता है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टेस्ट सीरीज की कमान विराट कोहली को दी जा सकती हैं। बोर्ड भारतीय क्रिकेट टीम के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का 'आराम' बढ़ाने का मन बना चुका है। 
 
खबर तो यह भी है कि चयनकर्ता धोनी को टेस्ट टीम की कप्तानी से पूरी तरह मुक्त कर सकते हैं। पिछले कुछ सालों में धोनी को बतौर कप्तान और बतौर बल्लेबाज़ भी टेस्ट क्रिकेट में अधिक सफलता नहीं मिली है। 2011 में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के विदेशी दौरे सहित लगातार 9 टेस्ट मैच हारी। इसके अलावा नवंबर-दिसंबर 2012 में धोनी की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़ भी 1-2 से गंवानी पड़ी।
 
सौरव गांगुली सहित अन्य भारतीय पूर्व कप्तान धोनी की टेस्ट कप्तानी पर सवाल उठा चुके हैं। 4 दिसंबर से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलिया दौरे के पहले टेस्ट में भी धोनी टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे और अगर उन्हें और आराम की जरूरत हुई तो विराट कोहली को पूरी सीरीज़ के लिए कप्तान बनाया जा सकता है।  
अगर भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया दौरे का पहला टेस्ट मैच ड्रॉ भी करा लिया तो धोनी की वापसी यह कर टाली जा सकती है कि उनकी चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। अगर टीम इंडिया ने एडिलेड में जीत दर्ज की, तो टेस्ट टीम में धोनी की वापसी का रास्ता लगभग बंद हो जाएगा और कोहली के लिए नई राहें खुल जाएंगी।
 
क्या धोनी की चोट सिर्फ बहाना है? अगले पन्ने पर 

धोनी को कहां चोट लगी है, जिसके कारण वे टीम से बाहर हैं? इस पर बोर्ड के अलग-अलग अधिकारियों ने अलग-अलग जानकारी दी है। किसी के मुताबिक, उनके दाएं हाथ की कुहनी में, तो किसी के अनुसार कलाई में और एक अधिकारी के हिसाब से अंगूठे में चोट है। चोट के कारण धोनी को दो महीने तक बाहर रहना पड़ रहा है, लेकिन वे ISL में अपनी टीम चेन्नई एफसी के मैचों के दौरान फैंस के मनोरंजन के लिए गोलकीपिंग करते दिखाई दिए। क्या चोट के दौरान धोनी को इस तरह के 'करतब' दिखाने की जरूरत थी?
 
विराट कोहली को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपने पर पिछले कई दिनों से विचार किया जा रहा था, लेकिन जब जब भारतीय टीम विदेशी दौरों पर फेल रही उसी दौरान कोहली का बल्ला भी खामोश रहा। बोर्ड खराब फॉर्म में कोहली को कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी देना नहीं चाहता था, इसलिए यह फैसला आगे बढ, गया। इस बार ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत में ही कोहली को कार्यवाहक कप्तान बनाकर बोर्ड ने कोहली को टेस्ट टीम की कमान सौंपने का मन बना लिया है।