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5 साल बाद टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी की जगह मध्यक्रम में उतरे रोहित शर्मा
साल 2019 से टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी कर रहे कप्तान रोहित शर्मा 5 साल बाद आज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडीलेड के गुलाबी गेंद से खेले जा रहे दिन रात्रि के टेस्ट में मध्यक्रम में उतरे। वह पांचवे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे।
साल 2013 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रोहित शर्मा पहले इस ही बल्लेबाजी क्रम में बल्लेबाजी करते थे। लेकिन 2019 से उनको सलामी बल्लेबाजी का जिम्मा सौंपा गया। एक वक्त तो ऐसा आया कि वह विराट कोहली से आगे निकल गए।
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के लिए सलामी बल्लेबाजी की कुर्बानी दी जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में 201 रनों की साझेदारी की जो किसी भी एशियाई टीम की ऑस्ट्रेलिया में पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।
मैच से पहले गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में रोहित ने कहा था, “वह पारी की शुरुआत नहीं करेंगे। उन्होंने कहा मैं मध्यक्रम में बल्लेबाजी करूंगा।”
मध्य क्रम में अपनी बल्लेबाज़ी को लेकर रोहित ने कहा था, “यह एक अभ्यास मैच था। इसी कारण से हमने अधिक कुछ सोचे बिना, अपना खेल आगे बढ़ाना चाह रहे थे। पहले से ही एक दिन बारिश के कारण धुल चुका था। हम चाह रहे थे कि हमें थोड़ा गेम टाइम मिले। हम मैच के डिटेल के बारे में अधिक कुछ नहीं सोच रहे थे। हमने गुलाबी गेंद के साथ अधिक नहीं खेला है तो हम चाह रहे थे कि हमें इस गेंद के साथ खेलने का अवसर मिले।”
हालांकि मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के बाद भी वह अपना फॉर्म नहं पा सके और स्कॉट बौलैंड की गेंद पर पगबाधा हो गए। 21 गेंदे खेलकर उन्होंने 3 रन बनाए।
साल 2013 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रोहित शर्मा पहले इस ही बल्लेबाजी क्रम में बल्लेबाजी करते थे। लेकिन 2019 से उनको सलामी बल्लेबाजी का जिम्मा सौंपा गया। एक वक्त तो ऐसा आया कि वह विराट कोहली से आगे निकल गए।
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के लिए सलामी बल्लेबाजी की कुर्बानी दी जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में 201 रनों की साझेदारी की जो किसी भी एशियाई टीम की ऑस्ट्रेलिया में पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।
मध्य क्रम में अपनी बल्लेबाज़ी को लेकर रोहित ने कहा था, “यह एक अभ्यास मैच था। इसी कारण से हमने अधिक कुछ सोचे बिना, अपना खेल आगे बढ़ाना चाह रहे थे। पहले से ही एक दिन बारिश के कारण धुल चुका था। हम चाह रहे थे कि हमें थोड़ा गेम टाइम मिले। हम मैच के डिटेल के बारे में अधिक कुछ नहीं सोच रहे थे। हमने गुलाबी गेंद के साथ अधिक नहीं खेला है तो हम चाह रहे थे कि हमें इस गेंद के साथ खेलने का अवसर मिले।”
हालांकि मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के बाद भी वह अपना फॉर्म नहं पा सके और स्कॉट बौलैंड की गेंद पर पगबाधा हो गए। 21 गेंदे खेलकर उन्होंने 3 रन बनाए।
