अहमदाबाद में विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट ग्राउंड भारत- इंग्लैंड मुकाबले के लिए सजा (फोटो)

Last Updated: सोमवार, 22 फ़रवरी 2021 (14:26 IST)
गुजरात अपने स्थानीय नृत्य डांडिया के लिए देश विदेश में जाना जाता है। नवरात्रि के दौरान पूरा राज्य गरबा और डांडिया के रंग मे रंग जाता है। इस बार क्रिकेट के रंग में रंगने के लिए तैयार है, लेकिन ब्रो़डकास्टर्स ने डांडिया और क्रिकेट का बेजोड़ संगम तीसरे दिन रात्रि टेस्ट में गुलाबी गेंद से होने वाले टेस्ट मैच के लिए अपने थीम सॉंग में दर्शाया है।
यही नहीं दर्शकों के उत्साह को दर्शाने के लिए ब्रो़डकास्टर्स ने एक हैशटैग शुरु किया है। सीरीज शुरु होने से पहले इंडिया तैयार है, सीरीज का आधिकारिक हैशटैग घोषित हुआ था लेकिन अब सीरीज के अगले दो मैच सहित रंगीन जर्सी में क्रिकेट यहां खेला जाना है तो ब्रो़डकास्टर्स ने दर्शकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित करने के लिए अलग अलग एक्टिविटीस शुरु की है ताकि क्रिकेट का यह त्यौहार और भी रंगीन बन सके।
साबरमती नदी के किनारे में गुलाबी लाल और सफेद गेंद की बड़ी तस्वीरें देखी जा सकती है क्योंकि तीसरा टेस्ट दूधिया रोशनी में गुलाबी गेंद से खेला जाएगा वहीं चौथा टेस्ट दिन की रोशनी में लाल गेंद से खेला जाएगा इसके बाद वनडे और टी-20 सीरीज के मैच भी अहमदाबाद के इस स्टेडियम में खेले जाएंगे।
इसके अलावा भारत और इंग्लैंड के प्रमुख खिलाड़ियों जैसे विराट कोहली, जो रुट, जसप्रीत बुमराह, जोफ्रा आर्चर, हार्दिक पांड्या और बेन स्टोक्स के कट आउट्स लगाए गए हैं ताकि दर्शक सेल्फी लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर उसको शेयर कर सकें।
क्रिकेट रास का एक बड़ा कटआउट प्रवेश द्वार पर ही लगा हुआ है। इसके अलावा अलग अलग जगह पर सेल्फी प्वाइंटस भी बनाए गए हैं ताकि दर्शकों खुद के साथ इस ऐतिहासिक स्थल को अपने कैमरे में कैद कर सकें।

गौरतलब है कि भारत और इंग्लैंड की यह सीरीज 1-1 से बराबर है। पहला टेस्ट इंग्लैंड 227 रनों से जीत गया था जबकि दूसरे टेस्ट को 317 रनों के बड़े अंतर से जीतकर भारत ने सीरीज बराबर करी थी। चेन्नई से अब कारवां अहमदाबाद पर आ चुका है और दर्शकों ने सारे टिकट्स खरीद भी लिए हैं। तीसरा टेस्ट बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है क्योंकि दोनों ही टीमों के जेहन में आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल चल रहा है।

सरदार पटेल स्टेडियम का पहली बार निर्माण साल 1982 में हुआ था। साल 2014 के बाद इसका पुनर्निर्माण शुरु हुआ जिसके बाद इसे मोटेरा के नाम से भी जाना जाने लगा। इस स्टेडियम के पुनर्निर्माण कार्य में करीब 7 बिलियन रुपए यानि 700 करोड़ रुपए की लागत लगी है।

साल 1983 से 2014 तक यहां पर लगातार क्रिकेट मैच होते रहे। पुनर्निर्माण के बाद करीब 7 साल बाद इस स्टेडियम में दोबारा क्रिकेट का आयोजन होगा।आमतौर पर स्टेडियम में फ्लड लाइट होती है और डे नाइट टेस्ट के दौरान बल्लेबाज को गुलाबी गेंद को देखने में दिक्कत आती है लेकिन यहां एलईडी लाइट से खिलाड़ियों को यहां ऐसी कोई भी दिक्कत नहीं आने वाली है।

मोटेरा के सरदार पटेल स्टेडियम में एलईडी फ्लडलाइट लगायी गयी है जिससे नये लुक के इस स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच 24 फरवरी से शुरू हो रहे आगामी दिन-रात्रि टेस्ट के दौरान हवा में गेंद को आसानी से देखा जा सकेगा।(वेबदुनिया डेस्क)



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