लाल किताब : सभी ग्रहों को ठीक करने के अचूक 9 उपाय

अनिरुद्ध जोशी| Last Updated: मंगलवार, 12 नवंबर 2019 (16:52 IST)
किसी भी ग्रह से आपके जीवन में समस्याएं हो रही है तो आपको घबराने की आवश्यकता नहीं। सबसे पहले यह जानें की कौन-सा ग्रह समस्या को जन्म दे रहा है। फिर उस ग्रह से संबंधित नीचे लिखे उपाय करें।

1.सूर्य : मुंह में मीठा डालकर ऊपर से पानी पीकर ही घर से निकलें। बहते पानी में गुड़ प्रवाहित करें। पिता या पिता समान व्यक्ति का सम्मान करें।

2.चंद्र : दूध या पानी से भरा बर्तन रात को सिरहाने रखें और सुबह उसे बबुल के पेड़ में डाल दें। प्रतिदिन माता के पैर छूना जरूरी।

3.मंगल : अशुभ हो तो मिठाई या मीठा भोजन दान करें। बतासे बहते पानी में प्रवाहित करें।

4.मंगल : अशुभ हो तो बहते पानी में तिल और गुड़ से बनी रेवाड़ियां प्रवाहित करें। हनुमानजी की भक्ति करें। सफेद रंग का सुरमा आंखों में लगाएं। भाई और मित्रों से संबंध अच्छे रखना चाहिए।

5.बुध : सिक्के बराबर तांबे के पतरे में छेद करके उसे बहते पानी में प्रवाहित करें। दुर्गा की भक्ति। नाक छिदवाएं। बेटी, बहन, बुआ और साली से अच्छे संबंध रखें। वादों को निभाएं।
6.बृ्हस्पति : पिता, दादा और गुरु का आदर करना ना भूलें। गुरु बना सकते हैं। घर में धूप-दीप देते रहें। केसर को नाभि पर लगाएं। सत्य ही बोलें। आचरण को शुद्ध रखें।

7.शुक्र : दो मोती लेकर एक पानी में बहा दें और एक जिंदगीभर अपने पास रखें। स्वयं को और घर को साफ-सुथरा रखें और हमेशा साफ कपड़े पहनें। सुगधिंत इत्र या सेंट का उपयोग करें। पत्नी का ध्यान रखें उसका कभी भी अपमान ना करें। ज्वार या चने का चारा गाय को खिलाएं या किसी को दान करें। भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कौवे, और कुत्ते को दें। खटाई ना खाएं।

8.शनि : छायादान करें, अर्थात कटोरी में थोड़ा-सा सरसों का तेल लेकर अपना चेहरा देखकर शनि मंदिर में रख आएं। दांत साफ रखें। अंधे-अपंगों, सेवकों और सफाईकर्मियों से अच्छा व्यवहार रखें। काका और मामा के सम्मान का खयाल रखें और उनसे अच्छे संबंध बनाएं। भगवान भैरव की उपासना करें।

9.राहु : मूली के पत्ते निकाल कर दान करें। मूली को रात को सिरहाने रखकर उसे सुबह मंदिर में दान करें। किचन में बैठकर ही भोजन करें। ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध रखें।

10.केतु : संतानें केतु हैं इसलिए संतानों से संबंध अच्छे रखें। दोरंगी कुत्ते को रोटी खिलाएं। कान छिदवाएं।

*नोट करने योग्य :
1)सभी उपाय दिन के समय करें।
2)एक उपाय 40 या 43 दिन तक करना चाहिए।
3)एक दिन में केवल एक ही उपाय करें।
4)उक्त उपाय के विशेषज्ञ से पूछ कर ही करें।


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