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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डीन जोंस का दिल का दौरा पड़ने से निधन, IPL में कर रहे थे कॉमेंट्री
मुंबई। आधुनिक एकदिवसीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डीन जोन्स (Dean Jones) का गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे। जोन्स आईपीएल (IPL 2020) के लिए मुम्बई स्टूडियो से कमेंट्री करने भारत आए हुए थे।
जोन्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 52 टेस्ट और 164 वनडे खेले थे। वह अपने समय में वनडे में सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाते थे। मेलबोर्न में 24 मार्च 1961 को जन्मे जोन्स 52 टेस्टों में 46.55 के औसत से 3631 रन बनाए, जिसमें 11 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने 164 वनडे मुकाबलों में 44.61 के औसत से 6068 रन बनाए।
वनडे में उनके नाम 7 शतक और 46 अर्धशतक हैं। प्रथम श्रेणी के 245 मैचों में उन्होंने 19188 रन बनाए, जिसमें 55 शतक और 88 अर्धशतक शामिल हैं।
प्रोफेसर डीनो के नाम से मशहूर डीन जोन्स ने 30 जनवरी 1984 को एडिलेड में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे में पदार्पण किया था जबकि उन्होंने इसी साल 16 मार्च को पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था।
उनका अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर करीब 8 साल का रहा और उन्होंने आखिरी टेस्ट श्रीलंका के खिलाफ सितंबर 1992 में खेला। जोन्स ने आखिरी वनडे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6 अप्रैल 1994 को खेला था।
स्टार इंडिया ने जोन्स के निधन की पुष्टि करते हुए बयान जारी कर कहा, 'जोन्स का दिल का दौरा पड़ने से अकास्मिक निधन हो गया। हम उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस कठिन समय में उनका समर्थन करने के लिए तैयार हैं।'
जोन्स स्टार इंडिया के लिए कमेंट्री करने मुंबई आए थे, जहां एक होटल में जैव सुरक्षित वातावरण में स्टूडियो बनाकर आईपीएल की कमेंट्री की जा रही है।
स्टार इंडिया ने कहा, 'जोन्स का दक्षिण एशिया में क्रिकेट विकसित करने में अहम योगदान है। वह युवा क्रिकेटरों को मौका देने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। जोन्स एक चैंपियन कमेंटेटर थे, जिनकी कमेंट्री से करोड़ो प्रशंसक खुश हो जाते थे। विश्वभर में उनके करोड़ों प्रशंसक और स्टार परिवार उन्हें हमेशा याद करेगा।'
जोन्स ने भारत के खिलाफ चेन्नई में दोहरा शतक लगाया था। इसके अलावा वह 1987 में एलन बॉर्डर के नेतृत्व में पहली बार विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा थे। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह कमेंट्री करने लगे थे।
2006 में उनका अनुबंध उस वक्त समाप्त किया गया, जब वह दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर हाशिम अमला को आतंकवादी कहते सुने गए थे। हालांकि वह बाद में पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लामाबाद यूनाइटेड के कोच बने और उनके नेतृत्व में इस्लामाबाद ने दो बार खिताब जीता।