लवेरिया के लक्षण...
- एमके मजूमदार
हैराँ हूँ कि मुझे क्या हुआकरार सारा जैसे कहीं गुम गया बस एक ही तस्वीर दिमाग के कैनवास पर नजर आती है सुकून सारा जैसे पानी में घुल के बह गया गाफिल रहते हैं ख्वाबों-खयाल तक मेरे उन पर भी लगता है ज्यूँ कब्जा है, बस खयालों का तेरे ढूँढता हूँ अब चैन-ओ-करार, सारे दरो-दीवार ऐ काश! हो जाए कहीं उसका दीदार मर्ज है ये क्या, जानता नहीं पर बिना इलाज के भी भली लगती है ये बेचैनी।