सम्बंधित जानकारी
- FIFA WC 2018 : इंग्लैंड की राह में ‘छुपे रुस्तम’ स्वीडन की चुनौती
- FIFA WC 2018 : उरूग्वे को होगा फ्रांसीसी तिकड़ी से खतरा
- इंडोनेशिया ओपन : क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर सिंधु ने मनाया अपना जन्मदिन
- FIFA WC 2018 : ब्राजील का छठा विश्व कप जीतने का सपना तोड़ने को बेकरार बेल्जियम
- FIFA WC 2018 : ‘वंडर ब्वाय’ एम्बाप्पे को रोकना उरुग्वे के डिफेंस के लिए कड़ी चुनौती
फुटबॉल विश्व कप, इस बार नए चैम्पियन की उम्मीद
मोस्को। रशिया में खेले जा रहा विश्वकप अपने अंतिम पड़ाव पर है, ज्यादातर टीमें घर जा चुकी हैं। शुरुआत से ही यह विश्वकप उल्टफेरों का विश्वकप रहा है। अर्जेंटीना, पुर्तगाल, स्पेन जैसी टीमें क्वार्टर फाइनल में जगह नहीं बना सकी। गत विजेता और फीफा की शीर्ष टीम जर्मनी तो प्री क्वार्टर फाइनल में भी जगह नहीं बना पायी।
धाकड़ टीमों के बाहर निकलने से कुछ ऐसा समीकरण बना है कि क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली आठ में चार टीमों ने कभी भी विश्वकप नहीं जीता है। इनमें से तीन तो कभी भी विश्वकप फाइनल तक नहीं पहुंच पायी है। सिर्फ स्वीडन की टीम साल 1958 में उपविजेता रही थी, जब ब्राजील ने मेजबान स्वीडन को फाइऩल में 5-2 से हराया था। मेजबान रूस, बेलज्यिम और क्रोएशिया कभी फाइनल तक नहीं पहुंचे।
क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली अन्य चार टीमों में ब्राजील 5 बार विश्व विजेता रह चुकी है। उरुग्वे की टीम दो बार फाइनल जीत कर फीफा विश्वकप जीत चुकी है। जबकि फ्रांस और इंग्लैंड एक- एक बार विश्वकप अपने नाम करने में सफल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या कोई टीम अपना खाता खोलती है या पहले से ही विश्वकप जीत चुकी टीम इस बार भी विश्वकप जीत ले जाती है।
