वरुथिनी एकादशी की विशेषताएं और दान की सूची

Last Updated: सोमवार, 25 अप्रैल 2022 (09:08 IST)
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date: वरुथिनी एकादशी का व्रत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह व्रत 26 अप्रैल मंगलवार 2022 को रखा जाएगा। आओ जानते हैं कि इस दिन क्या दान करना चाहिए।


वरुथिनी एकादशी की विशेषताएं- Speciality or Features of Varuthini Ekadashi.

1. इस एकादशी का व्रत रखने से सब पापों को नाश होकर सौभाग्य तथा मोक्ष की प्राप्ति होगी है।

2. यह एकादशी 10000 वर्ष तक तप करने के बराबर फल देती है।

3. कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के समय एक मन स्वर्णदान करने से जो फल प्राप्त होता है वही फल वरुथिनी एकादशी के व्रत करने से मिलता है।

4. शास्त्रों में अन्नदान और कन्यादान को सबसे बड़ा दान माना गया है। वरुथिनी एकादशी के व्रत से अन्नदान तथा कन्यादान दोनों के बराबर फल मिलता है।

5. इस व्रत के महात्म्य को पढ़ने से एक हजार गोदान का फल मिलता है। इसका फल गंगा स्नान के फल से भी अधिक है।

दान की सूची :
1. अन्न दान।
2. तिल दान।
3. जल दान।
4. स्वर्ण दान।
5. रजत दान।
6. जल भरा मिट्टी का घड़ा दान।
7. सिक्के दान।
8. घोड़ा दान।
9. हाथी दान।
10. भूमि दान

उपरोक्त दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों के दान से घर के सदस्य सुखी-संपन्न रहते हैं।



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