रमजान विशेष
किस्मत का हाल बताने वाली चीजों से परहेज करें
अल्लाह ताअला का फरमान है कि फाल और पाँसों से अपनी किस्मत का हाल मत जानिए। जितने फायदे या नुकसान सब अल्लाह की तरफ से हैं। तुम अपने मजहब पर अडिग रहो। शरीअत का पूरा-पूरा आदर करो। और जब हज के लिए एहराम बाँध लो तो फिर तुम पर हलाल जानवर काशिकार भी हराम है। तुम परहेजगार और अल्लाह के शुक्रगुजार बनो। इसी सूरः में मुसलमानों के सियासी, समाजी और सांस्कृतिक जीवन का जिक्र है। इसी भाग में 'अहले किताब' से निकाह व संबंध, गुसल, वुजू, फसाद, चोरी की सजाओं का भी उल्लेख है। चोरी करने वाले के लिए हाथ काटने की सजा का भी जिक्र इसी पारे में है। अल्लाह का फरमान है कि यहूदियों-ईसाइयों से दोस्ती में एहतियात बरतें। दूसरे धर्म के वे लोग जो नेक हैं, नेक राह पर चल रहे हैं, वे निजात पाएँगे। जो मुसलमान बात-बात पर झूठी कसमें खाते हैं, उनसे जरूर पूछ-परख की जाएगी। इसलिए इस बुरी आदत से बचें। ऐसी कसमों का बदला यही है कि दस गरीबों को खाना खिलाएँ या उन्हें वस्त्र दान करें। या फिर झूठी कसम के बाद तीन दिन के रोजे करें। ऐ! मुसलमानों शराब, जुआ, पाँसे, आस्ताने, फाल ये सब गंदे शैतानी काम हैं।