कोरोना की चपेट में आ चुके लोगों को अभी वैक्सीन की आवश्यकता नहीं, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स समूह ने PM को सौंपी रिपोर्ट

पुनः संशोधित शुक्रवार, 11 जून 2021 (00:43 IST)
नई दिल्ली। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स के एक समूह ने कहा है कि बड़े पैमाने पर अंधाधुंध और अपूर्ण टीकाकरण के उत्परिवर्तित स्वरूपों के उभार की वजह बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी गई है। उन्होंने सुझाव दिया है कि जो लोग कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, उनके टीकाकरण की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस समूह में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टर कोविड-19 संबंधी राष्ट्रीय कार्यबल के सदस्य भी शामिल हैं। समूह ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि बड़े पैमाने पर लोगों के टीकाकरण की जगह केवल उन लोगों का टीकाकरण किया जाना चाहिए जो संवेदनशील और जोखिम श्रेणी में शामिल हैं।
ALSO READ:
वैक्सीन के 2 डोज के बाद बने चुंबकमैन! जानिए आखिर क्या है मामला
इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन, इंडियन एसोसिएशन ऑफ एपिडमोलॉजिस्ट्स और इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रीवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में महामारी की मौजूदा स्थिति मांग करती है कि इस चरण में सभी आयु समूहों के लिए टीकाकरण को खोलने की जगह हमें महामारी संबंधी आंकड़ों से खुद को निर्देशित करना चाहिए।

रिपोर्ट में यह रेखांकित किया गया है कि कम उम्र के वयस्कों और बच्चों का टीकाकरण साक्ष्य समर्थित नहीं है और यह किफायती नहीं होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अनियोजित टीकाकरण से वायरस के उत्परिवर्तित स्वरूपों को बढ़ावा मिल सकता है। इसमें कहा गया है कि जो लोग कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, उनके टीकाकरण की अभी कोई आवश्यकता नहीं है। (भाषा)



और भी पढ़ें :