बेहद गरीबी में बीता था ओमपुरी का बचपन, ढाबे पर धोते थे बर्तन

पुनः संशोधित रविवार, 18 अक्टूबर 2020 (12:29 IST)
बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक में दमदार अभिनय कर देश-विदेश में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने वाले ओम पुरी का 18 अक्टूर को जन्मदिन है। साल 1950 को पटियाला में जन्मे ओमपुरी का पूरा नाम ओम राजेश पुरी था। तीन साल पहले साल 2017 में उनका निधन हो गया था।
ओम पुरी ने एक्टर की एक ऐसी परिभाषा गढ़ी, जिसने सिनेमा की दुनिया में एक मिसाल कायम की। नामुमकिन सी लगने वाली बात को मुमकिन किया। ओम पुरी का जीवन बेहद गरीबी में गुजरा। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि जब वो 6 साल के थे तो एक ढाबे में बर्तन साफ किया करते थे।

एक्टर को बचपन से ही फिल्मों का शौक था और उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद एक्टिंग स्कूल में ही दाखिला लेने की ठानी। उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया। ओमपुरी संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में ये महसूस हुआ कि अपने साथियों की तुलना में उनकी इंग्लिश बड़ी खराब थी। वो इस बात को लेकर बेहद मायूस रहते थे।
फिर उन्होंने इंग्लिश सीखने की इच्छा जाहिर की तो इसमें उनके मेंटर ने उनकी मदद की। इसके अलवा साथी नसीरुद्दीन शाह ने भी उनका बहुत साथ दिया। नतीजतन ओम पुरी ने इंग्लिश पर इतनी अच्छी पकड़ बना ली कि उन्होंने 20 के करीब इंग्लिश फिल्मों में काम किया।

ओम पुरी ने मराठी फिल्म घासीराम कोतवाल से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। साल 1983 की फिल्म अर्ध सत्य से वे लोगों की निगाह में आए। साल 1988 में ओम पुरी ने दूरदर्शन की मशहूर टीवी सीरीज 'भारत एक खोज' में कई भूमिकाएं निभायी जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
ओम पुरी ने मिर्च मसाला, जाने भी दो यारो, चाची 420, हेराफेरी, मालामाल विकली जैसी न जानें कितनी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदारों में दिखाई दिए हैं। अर्ध सत्य में दमदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।




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