बिहार चुनाव : PM मोदी का मैं हूं हनुमान, चाहो तो सीना चीरकर देख लो : चिराग पासवान

Last Updated: शनिवार, 17 अक्टूबर 2020 (02:02 IST)
नई दिल्ली। जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनैतिक सरगर्मियां भी बढ़ती जा रही हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) के नेता (Chirag Paswan) ने शुक्रवार को एक साक्षात्कार में कहा कि चुनाव प्रचार के लिए मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने की जरूरत नहीं है। वह मेरे दिल में बसते हैं। मैं उनका हनुमान हूं, मेरा सीना चीर कर देख लें। चिराग ने कहा कि मैं पहले भी मोदी के साथ था, अब भी हूं और आगे भी रहूंगा।
चिराग ने बिहार के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी की तस्वीर लगाने की जरूरत उन्हें (नीतीश)
है क्योंकि अनुच्छेद 370, सीएए, एनआरसी जैसे मुद्दों पर उन्होंने मोदी का विरोध किया है, इसलिए उनको इसकी ज्यादा जरूरत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं हमेशा भाजपा के साथ हूं। मेरा संकल्प 10 तारीख को बिहार में डबल इंजन की सरकार बनाने का है। बिहार में
बीजेपी-एलजेपी की सरकार बने, यही मेरा संकल्प है।

चिराग पासवान भले ही खुद को मोदी का हनुमान बताएं लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि एलजेपी बिहार में एनडीए में शामिल नहीं है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लोक जनशक्ति पार्टी पर हमला बोला और उसे वोटकटवा पार्टी करार दिया। सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में एनडीए में बीजेपी-जेडीयू-वीआईपी और हम पार्टी शामिल हैं।

जावड़ेकर ने चिराग पर लगाए आरोप : केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ने भी लोजपा प्रमुख चिराग पासवान पर आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि चिराग पासवान ने बिहार में एक अलग रास्ता चुना है, वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेकर लोगों में झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें वह सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कोई 'बी' या 'सी' टीम नहीं है।

जावड़ेकर ने भरोसा जताया कि एनडीए को तीन चौथाई बहुमत मिलेगा और लोजपा एक वोटकटवा पार्टी बनकर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि
बिहार में केवल 4 पार्टियां भाजपा, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) , हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ही साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं।

सनद रहे कि बिहार में विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है और 28 अक्तूबर को पहले चरण का मतदान होना है। ऐसे में राज्य में चुनावी हलचल शबाब पर है। बिहार विधानसभा का चुनाव एनडीए एक बार फिर नीतीश कुमार की अगुवाई में लड़ रही है और उसे दोबारा सत्ता पर काबिज होने का भरोसा है।

बिहार में मोदी की पहली रैली 23 अक्टूबर को : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवारों के पक्ष में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ 12 सभाएं करेंगे।

बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव प्रभारी एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सभी रैली संयुक्त रूप से राजग की होगी। इन सभी रैली में मोदी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा घटक हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नेता भी मौजूद रहेंगे।

फडणवीस ने कहा कि पहली रैली 23 अक्टूबर को सासाराम, गया और भागलपुर में होगी। इसी तरह 28 अक्टूबर को दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पटना में की जाएगी। उन्होंने कहा कि 01 नवंबर को छपरा, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में तथा 03 नवंबर को पश्चिम चंपारण, सहरसा, फारबिसगंज और अररिया में होगी।

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना : राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री पर राज्य में बेरोजगारी, पलायन, गरीबी से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार अब थक चुके हैं और बिहार को संभाल नहीं पा रहे हैं

भागलपुर के कहलगांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में भुखमरी, बेरोजगारी और पलायन में बेतहाशा इजाफा हुआ है और कोरोना काल में नीतीश ने राज्य के लोगों के साथ मजाक किया।

विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी ने कहा ‘नीतीश जी न तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिला पाये और ना ही विशेष पैकेज ले सके और वे जनता को गुमराह करने का काम करते हैं।’ डबल इंजन की सरकार के दावे पर तंज कसते हुए राजद नेता ने कहा कि नीतीश कुमार अब थक चुके हैं तथा बिहार को संभाल नहीं पा रहे हैं लेकिन सत्ता की उनकी चाहत नहीं गई है।

लोजपा झूठ और भ्रम की राजनीति कर रही है : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनावों में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) झूठ और भ्रम की राजनीति कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। लोजपा सिर्फ वोट काटने वाली पार्टी है, जो अपने अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है। यही वजह है कि लोजपा भ्रम की स्थिति पैदा करके दूसरों के कंधे पे बंदूक रखना चाहती है, जो निंदनीय है।



और भी पढ़ें :