श्रावण मास में मोरपंख के शुभ उपाय भाग्य को चमका देंगे, जिंदगी को महका देंगे

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श्रावण के महीने में हर कोई भगवान शिव जी की उपासना, पूजा करता है। लेकिन शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि सावन में शिव जी के साथ-साथ श्री कृष्ण की पूजा और उपासना करने बहुत महत्व का माना गया है।

इस माह में भगवान कृष्‍ण के पूजन से जहां शुभ फलों की प्राप्ति होती हैं, वहीं सावन में के उपाय करने से जीवन में चल रही बड़ी-बड़ी परेशानियां, शत्रु से भी मुक्ति पाई जा सकती है। क्योंकि बांसुरी की तरह ही मोरपंख भी भगवान श्री कृष्ण का सबसे प्रिय वस्तु है, अत: सावन मास इस महीने में कृष्‍ण की आराधना करते हुए यदि आप घर में मोरपंख लेकर आते हैं तो यह बहुत ही शुभ वरदानस्वरूप साबित होगा।


यहां जानिए मोरपंख के शुभ उपाय-morpankh ke Upay


1. ग्रहों का अशुभ प्रभाव मिल रहा हो तो मोरपंख पर 21 बार ग्रह का मंत्र बोलकर पानी का छींटें दें और इसे श्रेष्ठ स्थान पर स्थापित करें जहां से यह दिखाई
दें।



2. घर के मुख्य द्वार पर मोरपंख को लगाना हमेशा शुभ होता है, इससे नकारात्मक ऊर्जा और जीव-जंतु घर में प्रवेश नहीं कर पाते। इसके लिए 3 मोरपंख लगाकर 'ॐ द्वारपालाय नम: जाग्रय स्थापयै स्वाहा' मंत्र लिखें और नीचे गणेश जी की मूर्ति लगाएं।



3. बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए नवजात शिशु को चांदी के ताबीज में मोरपंख पहनाएं।


4. यदि आपका बच्चा बहुत रोता है, चिढ़ता है या जिद्दी है तो छत के पंखे पर मोरपंख लगाने से जिद कम हो जाती है।


5. अगर दुश्मनों से परेशान हैं तो मंगलवार एवं शनिवार के दिन दुश्मन का नाम लेकर हनुमान जी के मस्तक का सिंदूर एक मोरपंख पर लगाएं और सुबह बिना मुंह धोए इसे बहते हुए पानी में बहा दें।


6. घर का वास्तु दोष सुधारने के लिए आग्नेय कोण में मोरपंख लगाएं। इसके अलावा ईशान कोण में भगवान श्री कृष्ण की फोटो के साथ एक मोरपंख लगाएं।

7. आर्थिक लाभ के लिए किसी मंदिर में जाकर मोरपंख को राधा कृष्ण के मुकुट में लगाएं और 40 दिन बाद इसे लाकर तिजोरी में रख दें।

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