शनिदेव का मकर राशि में प्रवेश, किसे होगा लाभ, किसे होगा क्लेश


शनि को अपनी राशि मकर में प्रवेश करेगा। मकर राशि से उसकी तृतीय दृष्टि मीन पर, सप्तम दृष्टि कर्क पर व दशम दृष्टि तुला पर रहेगी। 12 मई से 29 सितंबर तक शनि वक्री रहेगा। अस्त व वक्री स्थिति में फल की कमी आती है व वक्री स्थिति में कार्य देरी से होते हैं।
भारत देश के लिए वक्री स्थिति में काफी संभलकर चलना होगा। उथल-पुथल देखने को मिलेगी। राजनीति में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा। देश के व्यावसायिक मामलों में अस्थिरता का वातावरण रहेगा। देश के प्रधान को संकटों का सामना करना पड़ेगा। शत्रुओं से परेशानी रहेगी लेकिन अंत में शत्रु पक्ष को हारना ही होगा।
कैसा रहेगा मकर का शनि, आइए जानते हैं-
मेष राशि व लग्न वालों को दशम भाव से भ्रमण करने से व्यापार-व्यवसाय में उन्नति होगी, वहीं नौकरीपेशा भी लाभान्वित होंगे। नवीन कार्ययोजना बनेगी। बेरोजगार भी रोजगार पाने में सफल होंगे। बाहरी मामलों में सावधानीपूर्वक सफल होंगे। पारिवारिक समय मिला-जुला ठीक रहेगा। दांपत्य जीवन में अनुकूल स्थिति रहेगी।
वृषभ राशि व लग्न वालों के लिए नवम भाग्य भाव से मकर का शनि गोचर भ्रमण करेगा। भाग्य में वृद्धि होगी पिता का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय में प्रगति व नौकरीपेशा सुखद स्थिति पाएंगे। आर्थिक लाभ के योग बनते रहेंगे। शत्रु वर्ग परास्त होंगे। कोर्ट से संबंधित कार्यों में सफलता मिलेगी। कर्ज हो तो कर्ज की स्थिति कम होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
मिथुन राशि व लग्न वालों के लिए शनि का गोचर भ्रमण अष्टम भाव से होने से प्रारंभ के सवा साल काफी परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है। आपके कार्य में देरी होगी, वहीं धन कुटुम्बियों का सहयोग मिलने से कुछ राहत भी मिलेगी। संतान पक्ष से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य उत्तम ही रहेगा। विद्यार्थी वर्ग के लिए समय सुखद रहेगा। भाग्य साथ देगा।
कर्क राशि व लग्न वालों के लिए दांपत्य जीवन में अनुकूलता रहेगी, वहीं दैनिक व्यवसाय भी उत्तम रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से समय ठीक से व्यतीत होगा। समय आपके पक्ष में रहेगा। पारिवारिक मामलों में सहयोग के साथ प्रसन्नता भी रहेगी। मकान व भूमि संबंधित मामलों में कार्य बनते नजर आएंगे। जीवनसाथी से
महत्वपूर्ण सहयोग पाएंगे।
सिंह राशि व लग्न वालों के लिए मकर का शनि षष्ट भाव से गोचर भ्रमण करने से शत्रुओं का नाश होगा। कर्ज हो तो उससे मुक्ति मिलेगी। बाहरी मामलों में सुधार होगा। यात्राओं के योग बनेंगे। पराक्रम में वृद्धि होगी, वहीं भाइयों का सहयोग मिलने से राहत महसूस करेंगे। साझेदारी के कामों में अनुकूल सफलता मिलेगी।
कन्या राशि व लग्न वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण पंचम भाव से होने से संतान पक्ष से सहयोग के साथ प्रसन्नता रहेगी। विद्यार्थी वर्ग भी अनुकूल स्थिति पाएंगे। आय के साधनों में वृद्धि होगी। इच्छित कार्य बनेंगे। कुटुम्ब के लोगों का सहयोग मिलेगा, वहीं धन की बचत भी होगी। वाणी के प्रभाव से आपके रुके कार्य भी बनेंगे।
तुला राशि व लग्न वालों को मकर का शनि कारक होकर चतुर्थ भाव से गोचर भ्रमण करने से पारिवारिक समस्याओं का समाधान होगा, वहीं घर की आशा भी पूरी होगी। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। व्यापार-व्यवसाय व नौकरी आदि में अनुकूल स्थिति पाएंगे। प्रभाव में वृद्धि होगी, वहीं स्वास्थ्य ठीक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्य में सफल होंगे।
वृश्चिक राशि व लग्न वालों के लिए मकर का शनि तृतीय भाव से गोचर भ्रमण करने से पराक्रम में यथेष्ट वृद्धि होगी। भाइयों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। भाग्य में अनुकूल स्थिति होने से कार्य में सुगमता रहेगी। पारिवारिक समय सुखद व्यतीत होगा। जनता से संबंधित कार्य बनेंगे। बाहरी मामलों में सहयोग के द्वारा सफल होंगे। यात्राओं के योग बनते रहेंगे।
धनु राशि व लग्न वालों के लिए मकर का शनि द्वितीय भाव से भ्रमण करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होकर लाभ के रास्ते खुलेंगे। छोटे भाइयों का सहयोग मिलेगा। धन कुटुम्बियों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। वाणी का प्रभाव बढ़ेगा। पारिवारिक स्थिति में सुधार होगा, वहीं माता के स्वास्थ्य में अनुकूलता रहेगी। मकानी कर्ज हो तो वह दूर होगा।

मकर लग्न व राशि वालों के लिए लग्न से भ्रमण करने से प्रभाव में वृद्धि होगी, वहीं बाहरी संबंधों में सुधार होगा। यात्रा के योग बनते रहेंगे। दांपत्य जीवन में सुखद वातावरण रहेगा। आर्थिक प्रयासों में सफल होंगे। अकस्मात लाभ के योग बनेंगे। पदोन्नति से भी लाभ मिल सकता है। पराक्रम द्वारा अनुकूल स्थितियां बनाने में सफल होंगे। धन की बचत भी होगी।
कुंभ लग्न व राशि वालों के लिए मकर के शनि के 12वें भाव से भ्रमण करने से बाहरी मामलों में सहयोग के साथ कार्य में प्रगति आएगी। मध्यम दूरी की यात्राएं होती रहेंगी। शत्रु पक्ष पर प्रभाव बना रहेगा। कर्ज की स्थिति दूर होगी। भाग्य में अनुकूल स्थिति होने से रुके कार्यों में सफलता पाएंगे। पिता का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
मीन लग्न व राशि वालों के लिए मकर के शनि के आय भाव एकादश से भ्रमण करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होकर अर्थलाभ पाएंगे। विद्यार्थी वर्ग के लिए समय उत्तम है। संतान पक्ष का सहयोग मिलने से राहत पाएंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से समय ठीक ही कहा जा सकता है। छोटे भाइयों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
उपाय- यदि किसी को शनि के गोचर में अशुभ फल मिलते हों तो 1 चम्मच तिल का तेल जमीन पर प्रति शनिवार गिराएं। खड़े उड़द स्नान के जल में 5-6 दाने प्रति शनिवार डालकर नहाएं।



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