दोपहर 12 से 3 बजे के बीच हुआ है जन्म तो होगा ये भविष्य

Prediction By birth
अनिरुद्ध जोशी| Last Updated: बुधवार, 26 फ़रवरी 2020 (11:16 IST)
व्यक्ति ने किस पक्ष की किस तिथि के किस प्रहर के किस मुहूर्त और नक्षत्र में जन्म लिया इससे उसका भविष्य निर्धारित होता। सिर्फ प्रहर नहीं सभी को देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। जातक ने किस प्रहर में जन्म लिया है इस संबंध में सामान्य जानकारी।

: दिन के तीसरे प्रहर को (दोपहर बाद) कहते हैं। यह समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तक का रहता है। यह तमोगुणी समय होता है। इस प्रहर में जन्म लेने वाले बच्चों को अपनी जीवन की शुरुआत में शिक्षा को लेकर संघर्ष करना होता है। शिक्षा में बाधाएं आती है। इस प्रहर में जन्म लेने वाला बच्चा जिद्दी भी होता है। हालांकि ऐसे बच्चों के स्वभाव को समझकर इनके साथ समझदारी से काम लिया जाए तो वे अपनी शिक्षा पूर्ण कर सकते हैं।

इस प्रहर में क्या करें : दिन के तीसरे प्रहर को अपरान्ह या सप्तम प्रहर भी कहते हैं। यह तमोगुणी समय होता है। इस प्रहर में भोजन करना उत्तम है लेकिन सोना और स्नान करना उचित नहीं। इस प्रहर में नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। इस प्रहर में भगवान श्रीकृष्ण की उपासना की जाए तो संतान उत्पत्ति की समस्या दूर होती है।


और भी पढ़ें :