'नापाक' बोल, हां.. हमने मारा कैप्टन सौरभ कालिया को...

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उसने कहा कि बाद में 4 दिन तक भारतीय सै‍निक लाशों को ढोते रहे। हमने फिर से हमला करने की हमारे कमांडर कर्नल तनवीर से इजाजत मांगी, लेकिन उन्होंने कहा कि तुम्हारी जान ज्यादा कीमती है। हो सकता है उनके पीछे और भारतीय सैनिक हों। पांचवें दिन मैं रेकी के लिए उधर गया। वहां कई लाशें पड़ी थीं।

उसने कहा कि काफी संख्या में जख्मी भारतीय सैनिक पड़े थे। वे चल नहीं सकते थे। उन्होंने कहा कि भगवान के लिए हमें मत मारो। मैंने कहा- घबराओ मत, मैं तुम्हें नहीं मारूंगा। अगर जा सकते हो तो जाओ और अपने सैनिकों को बताओ को वहां फिरोज खान बैठा है। बाद में हमने उनकी एलएमजी, अन्य वेपन, रेडियो सेट उठा लिए और फिर उनके हथियारों का उपयोग उन्हीं के खिलाफ किया। कैप्टन ने बताई की सही औकात... आगे पढ़ें...



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