परमाणु दुर्घटना कानून : न्यूनतम राशि का प्रावधान हो

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 5 अप्रैल 2010 (23:30 IST)
के मामले में क्षतिपूर्ति की अधिकतम राशि के साथ साथ न्यूनतम राशि भी तय होनी चाहिए तथा सेवा मानकों के प्रभावी अनुपालन, संचालकों और आपूर्तिकर्ताओं की अपने दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरुरत है।

एवं बाजार प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में अनुसंधान एवं परामर्श सेवा के काम में लगी गैर सरकारी संस्था ने सरकार और नीति निर्माताओं का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा है कि परमाणु प्रतिष्ठानों में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में क्षतिपूर्ति की अधिकतम राशि को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है जबकि दूसरे कई अहम् मुद्दे हैं जिन्हें नजरंदाज किया जा रहा है।
कट्स इंटरनेशनल के महासचिव प्रदीप एस मेहता का कहना है कि क्षतिपूर्ति की अधिकतम राशि के साथ साथ इस क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों पर न्यूनतम सीमा भी तय होनी चाहिए। परमाणु संयंत्रों में निवेश करने वाले निवेशक यदि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं करते हैं, तो क्षतिपूर्ति राशि को ऐसे मानकों के अनुपालन पर आने वाली लागत के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
इससे सेवा शर्तों का पालन ज्यादा प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इस तरह के उपायों के साथ नुकसान का सही सही आकलन और उचित समय पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी होना चाहिए ताकि भोपाल गैस त्रासदी जैसी गंभीर घटनाओं को रोका जा सके।

कट्स इंटरनेशनल का कहना है कि परमाणु उर्जा क्षेत्र में निजी निवेश को बढावा दिए जाने के मामले में कानून के जरिए उचित नियमन माहौल बनाया जाना उचित है लेकिन इसके साथ ही मानव हितों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। (भाषा)


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