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84 महादेव : श्री दुर्दुरेश्वर महादेव(84)

गुरुवार,फ़रवरी 11, 2016
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राजा बिल्व के दर्शन-पूजन के कारण शिवलिंग बिल्वेश्वर महादेव के नाम से विख्यात हुआ। मान्यता है कि जो मनुष्य बिल्वेश्वर शिवलिंग के दर्शन करेगा। वह सभी पापों से मुक्त होगा। अंतकाल में शिवलोक को प्राप्त करेगा। यह मंदिर अंबोदिया गांव में है।
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मान्यता है कि जो भी मनुष्य शिवलिंग के दर्शन कर आराधना करता है वह पृथ्वी पर उत्तम राज सुख भोग कर अंतकाल में स्वर्ग में गमन करता है। यह मंदिर करोहन गांव में स्थित है।
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पिंगला के मुक्ति से शिवलिंग का नाम पिंगलेश्वर हुआ। मान्यता है कि जो भी मनुष्य पिंगलेश्वर महादेव के दर्शन करेगा उसके घर में सदा धर्म और धन निवास करेंगे और अंतकाल में स्वर्ग को प्राप्त करेगा। यह मंदिर पिंगलेश्वर गांव में स्थित है।
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राजा के बुरे सपनों का नाश होने के कारण शिवलिंग स्वप्नेश्वर महादेव के नाम से विख्यात हुआ। मान्यता है स्वप्नेश्वर महादेव के दर्शन से बुरे सपनों का नाश होता है। यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में स्थित है।
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हनुमान के शिवलिंग के स्पर्श व रावण वध के बाद पूजन के कारण शिवलिंग हनुमंत्केश्वर महादेव के नाम से विख्यात हुए। मान्यता है कि जो भी मनुष्य इस शिवलिंग का पूजन करता है उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इन का मंदिर ओखलेश्वर जाने वाले मार्ग पर स्थित है।
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पार्वती जी ने शिवलिंग को अभिमुक्तेश्वर नाम दिया। मान्यता है कि जो भी मनुष्य अभिमुक्तेश्वर महोदव के दर्शन-पूजन करता है उसकी मुक्ति अवश्य होती है। उसे मृत्यु का भय नहीं होता है। यह मंदिर सिंहपुरी के मंगलनाथ मंदिर के पास स्थित है।
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पुष्पदंत के पूजन करने के कारण शिवलिंग पुष्पदंतेश्वर के नाम से विख्यात हुआ। मान्यता है कि जो भी मनुष्य पुष्पदंतेश्वर के दर्शन करेगा उसके कुल में सात कुलों का उद्धार होगा। अंतकाल में शिवलोक को प्राप्त करेगा। यह मंदिर तेली की धर्मशाला के पास एक गली में ...
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कश्यप मुनि के पुत्र अरुण के पूजन करने के कारण शिवलिंग अरुणेश्वर महादेव के नाम से विख्यात हुआ। मान्यता है कि जो भी मनुष्य अरुणेश्वर के दर्शन करता है उसके पितृ को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इनका मंदिर रामघाट में पिशाच मुक्तेश्वर के पास राम सीढ़ी के ...
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मान्यता है कि जो भी मनुष्य बड़लेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन करता है वह पृथ्वी पर सभी सुखों को भोग कर मोक्ष को प्राप्त करता है। इनका मंदिर भैरवगढ़ में सिद्धवट के सामने है।
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मान्यता है कि जो भी मनुष्य राजस्थलेश्वर महादेव का पूजन करता है उसके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और उसके शत्रु का नाश होता है। उसके वंश में वृद्धि होती है तथा मनुष्य पृथ्वी पर सभी सुखों का भोग कर अंतकाल में परमगति को प्राप्त करता है। इनका मंदिर ...
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मान्यता है कि जो भी मनुष्य करभेश्वर महादेव के दर्शन करता है वह धनवान होता है, उसे कोई व्याधि नहीं होती है उसके कोई पितृ पुश योनी में हैं तो उन्हें मुक्ति मिलती है। अंतकाल में मनुष्य शिवलोक को प्राप्त करता है। यह मंदिर भैरवगढ़ में काल भैरव मंदिर के ...
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मान्यता है कि जो भी मनुष्य शिवलिंग के दर्शन कर पूजन करता है उसके माता-पिता के कुल में सभी पवित्र हो जाते हैं और चंद्र व सूर्य लोक में निवास करते हैं। इनका मंदिर महाकाल मंदिर के सभागृह में शंकराचार्य जी के कमरे में है।
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प्रयाग के बाद इन चार नदियों के मिलन के कारण शिवलिंग प्रयागेश्वर महादेव के नाम से विख्यात हुए। मान्यता है कि जो भी मनुष्य प्रयागेश्वर महोदव के दर्शन-पूजन करता है उसके सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष को प्राप्त करता है।
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दुर्धर्ष राजा के पूजन करने से इस शिवलिंग का नाम दुर्धरेश्वर के नाम से विख्यात हुआ। मान्यता है कि जो मनुष्य रविवार की संक्रांति पर इस शिवलिंग का पूजन करता है उसे शिवलोक प्राप्त होता है।
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मान्यता है कि पूर्व जन्मों में वियोग से मरे हुए पति पत्नी संगमेश्वर महादेव के दर्शन से मिल जाते हैं।
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मान्यता है कि जो भी मनुष्य पिशाच मुक्तेश्वर महादेव का दर्शन-पूजन करता है उसे धन और पुत्र का वियोग नहीं होता तथा संसार में सभी सुखों को भोगकर अंतकाल में परमगति को प्राप्त करता है।
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क्षेत्रों में उत्तम क्षेत्र अवंतिकापुरी है। वहां क्षिप्रा के किनारे सोमेश्वर से पश्चिम में स्थान है केदारेश्वर। जितने माह में केदारेश्वर में मेरे दर्शन नहीं होगें, उतने समय में यही अवंतिका नगरी में विश्राम करूगां। मान्यता है कि जो भी मनुष्य ...
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वरदान के कारण शिवलिंग जल्पेश्वर महोदव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। मान्यता है कि जो भी मनुष्य जल्पेश्वर महादेव का दर्शन पूजन करता है उसे धन व पुत्र का वियोग नहीं होता है।
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उज्जयिनी के चौरासी महादेव मन्दिरों में श्री ब्रह्मेश्वर महादेव का मन्दिर खटीकवाड़ा (ढाबारोड के पास) में स्थित है। भगवान विष्णु का संकट नष्ट करने तथा ब्रह्माजी द्वारा पूजे जाने के कारण श्री ब्रह्मेश्वर की प्रसिद्धि है।
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